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विश्वविद्यालयों से मांगा उसके बैंक खातों में जमा और खर्च का हिसाब

Updated at : 23 May 2024 1:30 AM (IST)
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विश्वविद्यालयों से मांगा उसके बैंक खातों में जमा और खर्च का हिसाब

शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के खाते में जमा और खर्च की गयी राशि का हिसाब मांगा है. विश्वविद्यालयों से जानकारी मांगी है कि कि वित्तीय वर्ष 2023-34 में विश्वविद्यालयों को आवंटित राशि में वेतन और पेंशन में कितनी राशि अब तक बांटी है?

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– उच्च शिक्षा निदेशक ने लिखा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र संवाददाता, पटना शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के खाते में जमा और खर्च की गयी राशि का हिसाब मांगा है. विश्वविद्यालयों से जानकारी मांगी है कि कि वित्तीय वर्ष 2023-34 में विश्वविद्यालयों को आवंटित राशि में वेतन और पेंशन में कितनी राशि अब तक बांटी है? उस मद में कितनी राशि बची हुई है? विभाग ने यह जानकारी एक खास प्रपत्र में कुलपतियों से मांगी है. उच्च शिक्षा निदेशक डॉ रेखा कुमारी की तरफ से कुलपतियों को लिखे पत्र में विश्वविद्यालयों के पास उपलब्ध अनुदान एवं पीएल खाता आदि बैंक खातों की व्यापक जानकारी मांगी है. विश्वविद्यालय में सभी बैंक खातों की संख्या, अंतिम अपडेट की स्थिति और उसमें उपलब्ध कुल राशि का विवरण चाहा है. साथ ही अपडेट बैंक खातों के अंतिम पृष्ठ की फोटो कॉपी भी मांगी है. साथ ही चेतावनी दी है कि विश्वविद्यालयों को बताना होगा कि बताये गये इन खातों के अलावा कोई और अन्य खाता नहीं है. यदि विश्वविद्यालयों का कोई अन्य खाता संचालित पाया जाता है, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कहा कि पिछले एक विभागीय निर्देश, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय केवल दो ही खाते संधारित करें, के पालन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. इस तरह का हिसाब अंगीभूत कॉलेजों से भी मांगा है. उच्च शिक्षा निदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के स्तर पर एक अभियंत्रण कोषांग का गठन कर दिया गया है. शिक्षा विभाग की तरफ से गठित इस कोषांग की तरह विश्वविद्यालय एवं बड़े महाविद्यालयों के स्तर पर अभियंत्रण कोषांग गठन करने के निर्देश दिये गये थे. विभाग ने विश्वविद्यालयों से अब उसका पालन प्रतिवेदन मांगा है. जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बैक खातों पर रोक लगा रखी है. खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने यह सारी जानकारी पटना उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के संदर्भ में मांगी है.

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