ePaper

Akshaya Tritiya: सोना कितना सोना है! बिहार के केवल चार फीसदी ज्वेलर्स के पास हॉलमार्किंग का लाइसेंस

Updated at : 28 Apr 2025 12:42 PM (IST)
विज्ञापन
Gold Price

Gold Price

Akshaya Tritiya: भारतीय मानक ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना के एक अधिकारी ने बताया कि जिन जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर होता है, वहां हॉल मार्किंग को अनिवार्य किया जाता है. हॉलमार्किंग को लेकर लगातार जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है. उम्मीद है कि जल्द ही शेष बचे जिलों में हॉलमार्किंग की अनिवार्यता को लेकर अधिसूचना जारी हो जायेगी.

विज्ञापन

Akshaya Tritiya: सुबोध रंजन, पटना. बिहार के 15 जिलों में गहने पर हॉलमार्किंग लाइसेंस जल्द अनिवार्य होगा. इसकी तैयारी चल रही है. फिलवक्त सूबे के 23 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुकी है. केवल चार फीसदी ज्वेलर्स के पास ही हॉलमार्किंग का लाइसेंस है. भारतीय मानक ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार सूबे में एक लाख से अधिक छोटे- बड़े ज्वेलर्स है. इस तरह 96 फीसदी ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क के गहने बेच रहे हैं. वहीं सूबे में हॉलमार्किंग सेंटर की संख्या 48 है. इनमें से पटना जिले में अकेले 12 हॉलमार्क सेंटर है.

अबतक 4219 ज्वेलर्स ने लिया लाइसेंस

एक जुलाई 2021 को सोने-चांदी के गहनों के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया था. इतने वर्ष गुजर जाने के बाद अब तक 4219 ज्वेलर्स ने सोने व चांदी के लिए 601 ज्वेलर्स ने हॉलमार्किंग लाइसेंस भारतीय मानक ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय से लाइसेंस लिया है. अब तक सबसे अधिक लाइसेंस लेने वाले जिलों में पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, रोहतास, समस्तीपुर शामिल हैं. सबसे कम लाइसेंस लेने वाले जिलों में शिवहर, अरवल, जमुई, जहानाबाद, कैमूर शामिल हैं.

23 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य

बिहार में अब तक तीन चरणों में 23 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य की गयी है. पहले चरण में 13 जिले, दूसरे चरण में दो और तीसरे चरण में आठ जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जा चुका है. चौथे चरण में 15 जिले अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, लखीसराय, शेखपुरा, शिवहर, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण में हॉलमार्किंग अनिवार्य होनी है. मिली जानकारी के अनुसार 80 फीसदी ज्वेलर्स ने जीएसटी नंबर नहीं ले रखा है. इसके कारण वे बिना हॉलमार्क के सोने-चांदी के गहने बेच रहे हैं.

किन जिलों में कितने लाइसेंस लिये गये

औरंगाबाद – 123
बेगूसराय – 157
भागलपुर- 143
भोजपुर- 100
दरभंगा- 241
गया- 125
मुंगेर- 155
मुजफ्फरपुर – 285
नवादा- 135
नालंदा- 126
पटना- 888
रोहतास- 192
समस्तीपुर- 192
सारण- 168
सीतामढ़ी – 128
वैशाली- 105

सबसे कम लाइसेंस लेने वाला जिला

शिवहर- 4
अरवल – 5
जमुई- 14
जहानाबाद- 13
कैमूर- 17
किशनगंज- 22
सुपौल – 24
बांका- 28
अररिया- 34
पश्चिम चंपारण- 33
शेखपुरा- 34
बक्सर- 37

Also Read: Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन