PM मोदी ने दी 105 साल के बिहार को जन्मदिन की शुभकामना, तीन दिनों तक मनेगा बिहार दिवस
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Mar 2017 12:04 PM
पटना : आज बिहार दिवस है. आज बिहार 105 साल का हो गया. आज सुबह से ही बिहार को उसके जन्मदिन की शुभकामनाएं मिल रही हैं. जी हां, वैदिक, बुद्ध, पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिकता को अपनी गोद में समेटे हुए बिहार बढ़ती उम्र के साथ भी जवान दिखने लगा है. इस मौके पर बिहार सरकार […]
पटना : आज बिहार दिवस है. आज बिहार 105 साल का हो गया. आज सुबह से ही बिहार को उसके जन्मदिन की शुभकामनाएं मिल रही हैं. जी हां, वैदिक, बुद्ध, पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिकता को अपनी गोद में समेटे हुए बिहार बढ़ती उम्र के साथ भी जवान दिखने लगा है. इस मौके पर बिहार सरकार की ओर से खास आयोजन और कार्यक्रमों की लिस्ट तैयारी है. लंबी फेहरिस्त है. बिहार के ऐतिहासिक और प्रशासनिक भवन सज-धज कर तैयार हैं. इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल साइट पर ट्वीट कर बिहार को जन्मदिन की विशेष शुभकामना दी है. उन्होंने लिखा है कि बिहार दिवस के अवसर पर बिहार की जनता को मेरी ढेरों शुभकामनाएं.
बिहार दिवस के अवसर पर बिहार की जनता को मेरी ढ़ेरों शुभकामनाएं!
— Narendra Modi (@narendramodi) March 22, 2017
तैयारी पूरी
बिहार दिवस मनाने की तैयारी गांधी मैदान में पूरी हो चुकी है. देश के नामी गिरामी कलाकारों को बुलाया गया है. 22 मार्च से 24 मार्च तक तीन दिनों तक बिहार के जन्मदिन के रंग में पूरा बिहार रंगा रहेगा. यह उत्सव पूरे प्रदेश में हर्षो -उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. बिहार दिवस का उत्सव स्थल भी ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित हो रहा है. जिस मैदान ने बिहार के जन्म से ही कई राजनीतिक, सांस्कृतिक और संपूर्ण क्रांति जैसे आंदोलन को देखा है. गौरतलब हो कि बिहार सरकार ने उत्सव मनाने की इस परंपरा को वर्ष 2011 में शुरू किया था. तीन दिनों तक गांधी मैदान में भव्यता का ऐसा रास-रंग रचा जाता है, जिसमें बिहार वासियों को सिर्फ और सिर्फ उल्लास और उमंग दिखता है.
1912 में बंगाल से हुआ अलग
बिहार के बारे में कहा जाता है कि इसका नाम बिहार इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां की धरती बौद्ध अनुयायियों के लिए उर्वरा थी. गंगा की निर्मल धारा के किनारे बसी बिहार की राजधानी पटना को पहले पाटलिपुत्र और अजीमाबाद के नाम से जाना जाता था. बाद में पटना हुआ. आज ही के दिन बिहार अपने बड़े भाई बंगाल से अलग होकर सन 1912 में एक अलग राज्य बना. आज भी बिहार के आइने में बक्सर में मर्यादा पुरुषोत्तम राम, महर्षि वाल्मीकि. सीतामढ़ी में जानकी और भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और बिहार के बाबू कुंवर सिंह की झलक देखी जा सकती है.
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