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नोट की बंदी सही बदलने की व्यवस्था गलत : शिवानंद

Updated at : 11 Nov 2016 6:38 AM (IST)
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नोट की बंदी सही बदलने की व्यवस्था गलत : शिवानंद

पटना : पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने केंद्र सरकार के पांच सौ या हजार वाले पुराने नोटों को बंद करने के फैसले का समर्थन किया है. साथ ही उन्होंने नोट बदलने की जो व्यवस्था की गयी है, उसकी आलाेचना की है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि नोट बदलने के व्यवस्था से कमजोर लोगों को इस […]

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पटना : पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने केंद्र सरकार के पांच सौ या हजार वाले पुराने नोटों को बंद करने के फैसले का समर्थन किया है. साथ ही उन्होंने नोट बदलने की जो व्यवस्था की गयी है, उसकी आलाेचना की है.
उन्होंने गुरुवार को कहा कि नोट बदलने के व्यवस्था से कमजोर लोगों को इस फैसले का खामियाजा सबसे ज्यादा भोगना पड़ रहा है. जबकि, ताकतवर लोग तो हर अवस्था में अपना जुगाड़ बैठा लेते हैं. शिवानंद ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की हालत पहले से ही खराब है. लेकिन सरकार के इस फैसले का गंभीर परिणाम इसी क्षेत्र को भोगना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सब्जी का उत्पादन और इसके
कारोबार में देश भर में लाखों लोग लगे हुए हैं. इसका रोजाना कारोबार अरब में है.
सब्जी ज्यादा समय तक टिकने वाला उत्पाद नहीं है. इस फैसले की वजह से देश भर के सब्जी बाजार मे उठाव नहीं हो रहा है. सब्जी उत्पादकों तथा कारोबारियों को सरकार के इस फैसले से रोजाना कितना नुकसान उठाना पड़ रहा है इसका अनुमान लगाना कठिन है.
उन्होंने कहा कि अभी शादी-विवाह का समय है. इसका सारा कारोबार नकदी है. सामान्य तौर पर साधारण ढंग से भी होने वाली शादी में सात-आठ लाख रूपये का खर्च बैठ जाता है. जिनके घर में विवाह का आयोजन होना है, वे छटपटा रहे हैं. नोट बदलने की जो व्यवस्था की गयी है उससे इन परिवारों को ज्यादा राहत मिलने वाली नहीं है.
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