बेऊर जेल से मांगी थी 50 लाख रुपये की रंगदारी
Updated at : 09 Nov 2016 6:40 AM (IST)
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पटना : पीएमसीएच के अधीक्षक लखींद्र प्रसाद से 50 लाख रंगदारी मांगने के मामले को पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. घटना में फोन से रंगदारी मांगने वाला सोनू साव बेऊर जेल में कैदी है. जो हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के वेटनरी कॉलेज परिसर का रहने वाला है. मंगलवार को एसएसपी मनु […]
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पटना : पीएमसीएच के अधीक्षक लखींद्र प्रसाद से 50 लाख रंगदारी मांगने के मामले को पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. घटना में फोन से रंगदारी मांगने वाला सोनू साव बेऊर जेल में कैदी है. जो हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के वेटनरी कॉलेज परिसर का रहने वाला है.
मंगलवार को एसएसपी मनु महाराज ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले को सुलझाने का दावा किया. उन्होंने बताया कि सोमवार को रंगदारी मांगने की घटना के बाद राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ एसपी मध्य के निर्देशन में अनुसंधान टीम का गठन भी किया गया. इसके बाद पुलिस घटना के तार को जोड़ते- जोड़ते बेऊर जेल तक पहुंच गयी, जहां से सोनू ने लखींद्र प्रसाद को फोन से रंगदारी नहीं देने पर हत्या करने की धमकी दी थी. पुलिस अब दोषी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. मालूम हो कि लखींद्र प्रसाद से रंगदारी मांगने का मामला नया नहीं है. दो माह पहले भी उनसे फोन पर पांच लाख की रंगदारी मांगी गयी थी. मामला पीरबहोर थाने में दर्ज हुआ था.
पत्नी पर थी नजर, इसलिए दोस्त को फंसाने के लिए रची साजिश : रंगदारी के पीछे भी दोस्त की पत्नी पर नजर और फिर दोस्त को फंसाने का मामला सामने आया है. अधीक्षक से रंगदारी का पैसा जिस व्यक्ति को देने का निर्देश दिया गया था. वह मेंहदीगंज थाना के लोहा के पुल गांव का रहने वाला शंकर कुमार है. पुलिस ने शंकर को हिरासत में लिया तो सारे राज सामने आ गये. शंकर ने बताया कि वह अपनी पत्नी से विवाद के मामले में बेऊर जेल जा चुका है. वहीं उसकी दोस्ती सोनू साव से हुई थी. बाद में पत्नी से मामला सुलझ गया तो खुशबू मुझसे मिलने बेऊर जेल आने लगी. तभी से सोनू की नजर मेरी पत्नी पर थी. इस बात को लेकर कई बार उससे विवाद हुआ था.
जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल
सोनू के पास फोन बरामद होने के बाद एक बार फिर जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है. हाल ही में भोपाल जेल से आतंकवादी फरार होने के बाद जेल आइजी, डीएम और एसएसपी ने बेऊर जेल का निरीक्षण किया था. अधिकारियों ने बीते सप्ताह कई बार जेल की तलाशी ली, लेकिन बावजूद इसके मंगलवार को छोटे अपराधी के पास से फोन बरामद होना, जेल व्यवस्था और अधिकारियों पर सवाल खड़ा कर रहा है.
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