कड़ी धूप व तेज पछुआ का कहर : सात बच्चों समेत 18 लोगों की मौत

Published at :25 Apr 2016 2:44 AM (IST)
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कड़ी धूप व तेज पछुआ का कहर : सात बच्चों समेत 18 लोगों की मौत

छपरा/लखीसराय /मुजफ्फरपुर : कड़ी धूप व तेज पछुआ हवा ने रविवार को पूरे राज्य में एक बार फिर कहर बरपाया है. अलग-अलग जिलों में अगलगी में तीन हजार से अधिक घर जल कर राख हो गये. इस दौरान अाग की चपेट में आने से सात बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गयी. लखीसराय में […]

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छपरा/लखीसराय /मुजफ्फरपुर : कड़ी धूप व तेज पछुआ हवा ने रविवार को पूरे राज्य में एक बार फिर कहर बरपाया है. अलग-अलग जिलों में अगलगी में तीन हजार से अधिक घर जल कर राख हो गये. इस दौरान अाग की चपेट में आने से सात बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गयी. लखीसराय में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गयी. वहीं, मोतिहारी व वैशाली में एक-एक बच्चे की झुलस कर मौत हो गयी. वहीं, सारण में एक बच्ची समेत पांच, दरभंगा में तीन मुजफ्फरपुर और गोपालगंज व समस्तीपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी. दरभंगा में 16 बच्चे लापता बताये जाते हैं.
लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड की अलीनगर पंचायत के पोखरामा गांव में रविवार की दोपहर गिरीश ठाकुर के घर से निकली चिनगारी ने दो भाइयों के घरों को आगोश में ले लिया. इसमें चार मासूम बच्चों की मौत हो गयी़ गिरीश ठाकुर के भाई हरि ठाकुर की पुत्री की 28 अप्रैल को शादी होनेवाली थी. सोमवार 25 अप्रैल को तिलक जानेवाला था. गिरीश ठाकुर के घर चूल्हे की चिनगारी से अचानक आग लग गयी. इसमें सात वर्षीय सुजीत व पांच साल का प्रिंस, गिरीश ठाकुर की नातिन व बेगूसराय जिले के शाम्हो बिजुलिया निवासी रंजीत ठाकुर की दो पुत्रियां घर से निकल नहीं पायीं. मौके पर ही इनकी मौत हो गयी़.
छपरा शहर समेत सारण जिले के सात प्रखंडों में आग लगने से एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गयी. गड़खा के भगवानी छपरा गांव में लगी आग देखते-ही-देखते बनवारी बसंत व झौवा बसंत गांवों में फैल गयी. यहां दो सौ से अधिक घर खाक हो गये. 70 वर्षीय जलेश्वरी कुंवर की जलने से मौत हो गयी. इसमें एक युवक की भी जान चली गयी़, जिसकी पहचान नहीं हो पायी़ एक दो वर्षीया बच्ची रोशनी कुमारी का भी शव मिला है़ वहीं, परसा के मुकुंद बनौत गांव में 40 के आस-पास घर आग की चपेट में आये, जिसमें 70 वर्षीय राजेंद्र राम की मौत हो गयी. उन्हें बचाने के दौरान अशोक राम व पौत्र धीरज कुमार झुलस गये़ दरियापुर के हरना गांव में लगी आग में रघुवंश राय की 55 वर्षीय पत्नी उमा देवी की जलने से मौत हो गयी. गोपालगंज में एक व्यक्ति की मौत हो गयी.
दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड के खपरपुरा गांव में आग लगने से तीन लोगों की जल कर मौत हो गयी, जबकि गांव के 16 बच्चे लापता हैं. इनकी तलाश में परिजनों के साथ प्रशासनिक अधिकारी जुटे हैं. मरनेवालों में खपरपुरा के रामचंद्र साह, पटोरी के सुरेश चौधरी व पार्वती देवी शामिल हैं. दर्जनों पशुओं के भी मरने की सूचना है.
इसी तरह पूर्वी चंपारण जिले के मलाही थाने का ममरखा गुजरौलिया गांव अगलगी में पूरी तरह तबाह हो गया. संग्रामपुर के भटवलिया पंचायत की नरुलाहा गांव के लाल बहादुर सिंह का घर जल गया, जिसमें उसकी दो वर्षीया पुत्री क्षमा की मौत हो गयी, जबकि चार वर्षीय पुत्र रुपेश झुलस गया. मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज के पूल सकरा गांव व मुशहरी में एक-एक महिला की मौत हो गयी.
वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के डीह बुचौली गांव में अगलगी की घटना में आधा दर्जन घर जल कर खाक हो गये, जबकि वहीं, इसमें सात साल का एक बच्चा जिंदा जल गया. वह अपने फुफेरे भाई की शादी में शामिल होने आया था.
पावर स्टेशन में आग पांच करोड़ की क्षति
मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के भिखनपुर ग्रिड से जुड़े खबरा पावर स्टेशन में रविवार की दोपहर 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब पावर स्टेशन से आग की तेज लपटें निकलने लगीं. पावर ट्रांसफॉर्मर के यार्ड के घास में लगी आग ने कुछ ही देर में कैंपस में रखे केबल को चपेट में ले लिया. इससे करीब पांच करोड़ का 152 बंडल एलटी केबल जल कर राख हो गया है. आग की सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी गयी. आग बुझाने लिए फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को तीन घंटे से भी अधिक समय लग गया.
जहां बजनी थी शहनाई, वहां छाया मातम
सूर्यगढ़ा (लखीसराय). जिस घर में तिलक के गीत गूंज रहे थे, दो दिन बाद शहनाई बजती, वहां पल भर में मातम पसर गया है. लखीसराय के पोखरमा गांव के गिरीश ठाकुर के भाई हरि ठाकुर की पुत्री की 28 अप्रैल को शादी होनेवाली थी. सोमवार 25 अप्रैल को तिलक जाने वाला था. इसकी तैयारी चल रही थी. लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. गिरीश ठाकुर के घर चूल्हे की चिनगारी से अचानक आग लग गयी. देखते-ही-देखते आग इतनी भयावह हो गयी कि घर के लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. मौके पर चार मासूमों की जल कर मौत हो गयी. पुत्र सुजीत की मौत का सदमा शैला देवी बरदाश्त नहीं कर पा रही थीं और रोते – रोते अचानक वह बेहोश हो रही थीं.
न बचा घर, न खाने को दाना
दरभंगा. रविवार की सुबह तक खपरपुरा गांव में लोग खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहे. लेकिन, उनकी खुशियां उस समय काफूर हो गयी, जब आग की लपटों ने गांव के सभी आठ सौ घरों का जला कर राख कर दिया. न तो रहने के लिए घर बचा और न ही खाने के लिए एक भी दाना. तन पर जो कपड़ा बचा है, वही पहन कर लोग दहाड़ मार कर रो रहे हैं. कहा जा रहा है कि भुट्टा पकाने के क्रम में दोपहर एक बजे किसी घर में आग लगी और देखते-ही देखते इसने पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया. सभी जान बचा कर भागे. लेकिन, तीन लोग आग की चपेट में आ गये और उनकी मौत हो गयी.
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