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जो पीना चाहते हैं शराब वे नहीं आएं बिहार

Updated at : 12 Apr 2016 7:32 AM (IST)
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जो पीना चाहते हैं शराब वे नहीं आएं बिहार

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने होटल इंडस्ट्री द्वारा शराब के लिए की जा रही मांग काे सिरे से खारिज कर दिया. कहा कि बिहार में शराबबंदी से न तो होटल व्यवसाय पर असर पड़ेगा और न ही पर्यटन पर. जो लोग शराब पीना चाहते हैं, तो वे बिहार नहीं आएं. मुख्यमंत्री ने पूछा कि […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने होटल इंडस्ट्री द्वारा शराब के लिए की जा रही मांग काे सिरे से खारिज कर दिया. कहा कि बिहार में शराबबंदी से न तो होटल व्यवसाय पर असर पड़ेगा और न ही पर्यटन पर. जो लोग शराब पीना चाहते हैं, तो वे बिहार नहीं आएं. मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या होटल व्यवसाय शराब पर चल रहा था? लोग होटल खाना खाने या फिर रहने के लिए नहीं, बल्कि क्या शराब पीने जाते थे? यह सही नहीं है. ऐसा भी नहीं है कि पीने की इच्छा रखनेवाले ही टूरिस्ट बिहार आते हैं. टूरिस्ट धार्मिक-एेतिहासिक स्थलों को देखने आते हैं. बौद्धिस्ट, जैनिज्म, पिडंदान करने के लिए आते हैं, शराब पीने के लिए नहीं आते. मुख्यंमत्री ने कहा कि होटलों में शराब की मांग कर रहे हैं.
अब हम ऑर्डर दे दें, तो शाम में वहां ट्रैफिक जाम लगजाये. कुछ सक्षम वाले लोगों को पीने की अनुमति दे दें, तो दूसरे लोग कहेंगे कि सक्षम लोगों को पीने का अधिकार दे दिया गया. एेसा दोहरा चरित्र मेेरा नहीं है. शराब बंद हो गयी है, तो बंद. इससे सरकार को 5000 करोड़ का घाटा होगा, तो कोई बात नहीं, लेकिन होटल के पांच-10 करोड़ के लिए ऐसा नहीं कर सकते हैं. शराब में लगनेवाला पैसा तो अब दूसरे क्षेत्र में लगेगा, लोग होटल खाना खाने भी जायेंगे. होटल इंडस्ट्री को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए. इससे उस होटल की बदनामी होगी. अब लोग खाना खाने या रहने भी नहीं जायेंगे कि यहां तो सिर्फ शराब मिलती थी.
परिजनों को मिलेगी मदद
शराब की लत छुड़ाने के दौरान लत छुटने से पहले एक व्यक्ति ने जीवन छोड़ दिया है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिजनों को सहायता देंगे. शराब बंदी के लिए व्यापक जन समर्थन मिला है. कुछ अपवादों को छोड़ कर महिला, युवा, पुरूषों का भी समर्थन मिला है.
दूसरे राज्यों में भी बंद होगी शराब
सीएम ने कहा कि बिहार में शराब बंदी का असर देशव्यापी होगा. तमिलनाडु में चुनाव होना है. डीएमके व एआइडीएमके ने कह दिया है कि सरकार में आये, तो शराबबंदी करेंगे. झारखंड में भी शराबबंदी की आवाज उठ रही है.
अगल-बगल के राज्यों में भी शराबबंदी होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहले डी-एडिक्शन सेंटर नहीं था. एक-एक पहलू पर गौर कर हर जिले में खोला गया है. अभी 10-10 बेड की व्यवस्था है. इसे बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है. हमलोग शराब की लत छुड़ाना चाहते हैं. हम व्यक्ति के खिलाफ नहीं, शराब के खिलाफ हैं. लेकिन, कोई गलती करेगा तो कार्रवाई होगी.
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