जागरूकता. इंटरनेशनल गाइनी ऑन्कोलॉजी दिवस पर कार्यक्रम, 40 के बाद हर साल जांच कराएं महिलाएं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Mar 2016 2:00 AM

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फुलवारीशरीफ: महावीर कैंसर संस्थान के संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि कैंसर के क्षेत्र में संस्थान सिर्फ इलाज ही नहीं करती है. बल्कि, कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाती रहती है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द संस्थान में एक चलंत वैन आ जायेगा, जिसके माध्यम से न केवल जागरूकता अभियान को […]

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फुलवारीशरीफ: महावीर कैंसर संस्थान के संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि कैंसर के क्षेत्र में संस्थान सिर्फ इलाज ही नहीं करती है. बल्कि, कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाती रहती है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द संस्थान में एक चलंत वैन आ जायेगा, जिसके माध्यम से न केवल जागरूकता अभियान को गति प्रदान की जायेगी. बल्कि, कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम में भी तेजी लायी जा सकेगी.

महावीर कैंसर संस्थान ने शुक्रवार को इंटरनेशनल गाइनी ऑन्कोलॉजी दिवस के अवसर पर बीएमपी पांच में कैंसर जागरूकता व स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष जवानों ने भाग लिया. संस्थान के निदेशक डॉ विजय कुमार गहलोत ने महिलाओं में होनेवाले स्तन कैंसर पर बोलते हुए कहा कि विदेशों में सभी महिलाओं का 40 वर्ष के बाद स्तन की जांच करायी जाती है, जिससे वहां स्तन कैंसर का प्रतिशत काफी कम हुआ है.

भारत में महिलाएं शर्म के कारण जांच कराने से परहेज करती हैं, जिससे बीमारी काफी बढ़ जाती है. यदि समय रहते स्तन कैंसर का पता चल जाता है, तो स्तन को पूर्णत: संरक्षित किया जा सकेगा और उन्हें स्तन कैंसर से निजात मिल जायेगा.

संस्थान के रेडियोथिरैपी विभाग की प्रमुख डाॅ विनीता त्रिवेदी ने तंबाकू या तंबाकू से बने पदार्थों से होनेवाले कैंसर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तंबाकू व ध्रूमपान का सेवन किसी भी रूप में घातक हैं.
एम्स में 150 लोगों के घुटने का प्रत्यारोपण
फुलवारीशरीफ. एम्स में अब तक 150 लोगों के घुटने व कूल्हे का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया है और 60 लोगों का ऑर्थोस्कोपी से प्रत्यारोपण भी हो चुका है. शुक्रवार को एम्स में आयोजित प्रेसवार्ता में ऑर्थोपेडिक विभाग के अध्यक्ष डाॅ अनूप कुमार व डाॅ सुदीप कुमार ने बताया कि जो बीपीएल परिवार के घुटने व कूल्हे का प्रत्यारोपण के लिए बिहार सरकार से काफी सहायता मिल रही है. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता केंद्र से भी बीपीएल परिवार को सहायता दी जाती है. एम्स में कूल्हे व घुटने के प्रत्यारोपण में 80 हजार रुपये लगते है. वहीं, निजी अस्पतालों में 1.50 लाख से 2 लाख रुपये खर्च होते है. उन्होंने कहा कि एम्स का उद्देश्य कम खर्च में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देना हैं.
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