बिहार : भाजपा नेता विशेश्वर ओझा की गोली मारकर हत्या

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Feb 2016 8:15 PM

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पटना : बिहार के आरा जिले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की भोजपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गयी. ओझा ने पहले ही अपनी हत्या की आशंका जतायी थी. ओझा ने 2015 का विधानसभा चुनाव शाहपुर से भाजपा के टिकट पर लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाये. इसी इलाके से […]

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पटना : बिहार के आरा जिले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की भोजपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गयी. ओझा ने पहले ही अपनी हत्या की आशंका जतायी थी. ओझा ने 2015 का विधानसभा चुनाव शाहपुर से भाजपा के टिकट पर लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाये. इसी इलाके से 2005 और 2010 मे उनके परिवार की मुन्नी देवी ने चुनाव जीता था और विधायक बनी थी . विशेश्वर के पार्थिव शरीर को जहां रखा गया है वहां लोगों का जमावड़ा होने लगा है. पुलिस ने इस जगह सुरक्षा के पुखता इंतजाम किये हैं.


क्या कहते हैं नेता

विशेश्वर की हत्या के बाद नेताओं ने इसे एक बार फिर जगंल राज के आगाज बताया है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, बिहार में आतंक का राज कायम हो गया है. जनता के प्रतिनिधि मारे जा रहे हैं पूरे बिहार में दहशत का माहौल हैण्‍ न्यायालय और केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए . कांग्रेस ने भी इस हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है भाजपा नेता विशेश्वर ओझा की हत्या निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. सांसद चिराग पासवान ने कहा , आखिर ऐसी कानून व्यवस्था पर क्यों ना लगे राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए . भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने कहा, 12 घंटे में दो भाजपा नेताओं की हत्या हो गयी बिहार की स्थिति नियंत्रण से बाहर है. भाजपा ने राज्य सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है इस दौरान आरोपियों को पकड़कर उन्हें सजा नहीं दी गयी तो पूरे बिहार में होगा आंदोलन होगा.

पहले ही जतायी थी हत्या की आशंका

ओझा ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए कहा था कि राजनीति में मेरे दुश्मन मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं. इस मामले में शाहपुर थाना में मामला भी दर्ज किया गया था. ओझा पर भी 16 मामले दर्ज थे उन्होंने चुनाव के दौरान इसकी जानकारी अपने नोमिनेशन में दी थी. इनमें से 10 मामले अटेंप्ट टू मर्डर, तीन चोरी के केस और दो मर्डर का मामला दर्ज था. इसके अलावा दंगा भड़काने का भी आरोप था.
प्रदेश उपाध्यक्ष की हत्या के बाद एक बार फिर बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. 6 फरवरी को बिहार के वैशाली जिले के फतेहपुर पंचायत के पूर्व मुखिया बैजनाथी सिंह की हत्या कर दी गई थी. हालांकि अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) सुनील कुमार ने इसे आपसी रंजिश में की गयी हत्या करार दिया था. इस मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गयी है .
मुख्यमंत्री ने दिये थे कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ही राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए इसे पटरी पर लाने का निर्देश दिया था. सीएम नीतीश ने डीजीपी पीके ठाकुर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सुरक्षा में कोताही पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है. वहीं, एडीजी हेडक्वाटर सुनील कुमार ने अपराध अनुसंघान में अधिकारियों को तेजी लाने का निर्देश दिया. डीजीपी के नेतृत्व में अब विभाग की विस्तृत समीक्षा होगी. इसके साथ ही अपराध अनुसंघान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई किये जाने की बात कही गयी. लेकिन भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की हत्या ने एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं
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