PM ने अपना एक वादा भी नहीं किया पूरा, 15 माह का दें हिसाब: नीतीश

Updated at : 03 Sep 2015 3:02 AM (IST)
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PM ने अपना एक वादा भी नहीं किया पूरा, 15 माह का दें हिसाब: नीतीश

शेरघाटी/समस्तीपुर/बांका/बख्तियारपुर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से मुझसे हिसाब मांगने को कह रहे हैं. हम तो पिछले 10 सालों से हर साल रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से जनता को अपने काम का हिसाब देते रहे हैं.जनता को पिछले 15 महीनों के काम का हिसाब तो प्रधानमंत्री को देना चाहिए, जिन्हें चुनाव […]

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शेरघाटी/समस्तीपुर/बांका/बख्तियारपुर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से मुझसे हिसाब मांगने को कह रहे हैं. हम तो पिछले 10 सालों से हर साल रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से जनता को अपने काम का हिसाब देते रहे हैं.जनता को पिछले 15 महीनों के काम का हिसाब तो प्रधानमंत्री को देना चाहिए, जिन्हें चुनाव के मौके पर ही जनता की याद आती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने जो वादे किये थे, एक को भी पूरा नहीं किया है. मुख्यमंत्री बुधवार को शेरघाटी, समस्तीपुर के विभूतिपुर, बांका जिले के राजौन व बख्तियारपुर में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे थे.
शेरघाटी में उन्होंने वहां के पहले विधायक सह स्वतंत्रता सेनानी जगलाल महतो की प्रतिमा का अनावरण किया व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्रनाथ वर्मा की स्मृति ग्रंथ का विमोचन किया, जबकि बांका के रजौन प्रखंड परिसर में सरदार वल्लभ भाई पटेल व भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया. वहीं, सीएम ने समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड के किसनपुरु टभका गांव में कामेश्वर नारायण सिंह पॉलिटेक्निक और पटना के बख्तियारपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज का शिलान्यास किया.
15 महीने हो गये, नहीं मिला एक भी पाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में विदेशों से काला धन लाने का वादा किया गया था. सभी के खाते में 15 से 20 लाख रु पये जमा कराने की बात कही थी. 15 महीने बीत गये, एक पाई भी नहीं मिला. प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खाते खुलवाये गये.
कम-से- कम उन खातों में ही 15 से 20 लाख रु पये का एक प्रतिशत यानी 15 से 20 हजार रु पये ही डाल कर शुरु आत कर देते. जन-धन योजना के आधे से अधिक खाते नि्क्रिर य हो गये. उन्हें दुर्घटना बीमा का भी लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही साथ खाताधारक पांच हजार रु पये का ओवरड्राफ्ट भी नहीं ले सकते.
घोषणाओं पर नहीं हुआ अमल
नीतीश कुमार ने कहा कि पीएम ने वादा किया था कि किसानों को फसल पर लागत का 50 प्रतिशत जोड़ कर न्यूनतम समर्थन मूल्य देंगे. तीन-तीन बार केंद्र सरकार ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की.
लेकिन, उस पर अमल नहीं हुआ. कहा कि उन्होंने घोषणा की थी कि हर वर्ष दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देंगे. लेकिन, वह रोजगार क्या देगी, उल्टे सरकारी व निजी क्षेत्रों में होनेवाली नियुक्तियों पर भी रोक लगा रही है. 15 महीने में सिर्फ दो लाख लोगों को ही निजी व सरकारी क्षेत्रों में नौकरियां मिली हैं.
हम तो हर साल देते हैं कामकाज की रिपोर्ट
नीतीश कुमार ने कहा कि पीएम मेरे 10 साल के कार्यों का हिसाब मांगते हैं. वह तो हर साल अपने कार्यों का हिसाब-किताब सार्वजनिक कर देते हैं. लेकिन, उनके (पीएम) कार्यकाल के 15 माह बीत गये.
उन्होंने अपने कार्यों का हिसाब-किताब नहीं किया. वह कह रहे हैं कि पांच साल पूरा होने पर हिसाब-किताब सार्वजनिक करेंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को पैकेज की आवश्यकता नहीं है. बिहार अपने दम पर आगे बढ़ेगा. उन्होंने भागलपुर की चुनावी सभा में कुछ नहीं सूझा, तो कुछ भी बोलेने लगे. कोई नेता अपने भाषण में इतनी गिरी हुई भाषा का प्रयोग नहीं करता.
समस्तीपुर में खुलेगा इंजीनियरिंग कॉलेज
विभूतिपुर (समस्तीपुर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेज और मेडिकल कॉलेज के बाद अब समस्तीपुर में जल्द ही इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जायेगी. इसके लिये सरकार प्रयास कर रही है. भूमि की उपलब्धता होते ही इस पर काम भी शुरू हो जायेगा.उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास को लेकर प्रतिबद्ध है और इसके लिए जरूरी संसाधन मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है.
फिर दिखा रहे सुनहरे सपने
नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव में लोग उनके (प्रधानमंत्री ) झांसे में आ गये. सत्ता उनके हवाले कर दिया. इसमें बिहार के लोगों ने भरपूर समर्थन किया. 40 में 31 सीटें दे दीं. अब एक बार समर्थन मिल गया, तो दोबारा समर्थन मांगने चले हैं. लेकिन, उन वादों का क्या हुआ, जो किया था. पहले वादे पूरे नहीं हुए, अब फिर से सुनहरे सपने दिखाने शुरू कर दिये. उन्होंने कहा कि आज देश की सत्ता पर वैसे लोग हैं, जिनके पूर्वज का आजादी की लड़ाई में कोई लेना-देना नहीं था.
पैकेज के नाम पर गुमराह
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले मोदी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही उसे भूल गये. अब जब विधानसभा चुनाव आया, तो सवा लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की.लेकिन, इसमें से एक लाख आठ हजार करोड़ रु पये की परियोजनाएं तो पहले से ही बिहार के लिए स्वीकृत हैं. उन्होंने पैकेज की घोषणा कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया है. विद्युतीकरण कार्यक्रम का नाम बदल कर पीएम ने बेजोड़ काम किया.
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