नरेंद्र मोदी के रात्रि भोज में शामिल होना परंपरा का हिस्सा : नीतीश

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रात्रि भोज में शामिल होने वाले के बारे में कहा कि भोज का आयोजन पुरानी परंपरा है. पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने कहा कि यह पुरानी परंपरा है कि प्रधानमंत्री द्वारा कार्यक्रम (कांफ्रेंस आफ जजेज ऑफ हाईकोर्ट्स) में भाग […]

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रात्रि भोज में शामिल होने वाले के बारे में कहा कि भोज का आयोजन पुरानी परंपरा है. पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नीतीश ने कहा कि यह पुरानी परंपरा है कि प्रधानमंत्री द्वारा कार्यक्रम (कांफ्रेंस आफ जजेज ऑफ हाईकोर्ट्स) में भाग लेने वालों के लिए रात्रि भोज का आयोजन करते हैं. उन्होंने नरेंद्र मोदी से राजनीतिक दुश्मनी को कमतर करने के लिए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में वह पहले भी हिस्सा ले चुके हैं.

वर्ष 2010 में पटना में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समय दस मई 2009 को लुधियाना में राजग की एक रैली के दौरान नरेंद्र मोदी के एकजुटता दिखाने के लिए नीतीश का हाथ अपने हाथ लेकर उठाए जाने की तस्वीर के अखबारों में छपने से नाराज नीतीश ने अपने आवास पर दिए भोज को रद्द कर दिया था तथा वर्ष 2008 में कोसी में आयी प्रलयंकारी बाढ पीडितों के लिए गुजरात सरकार द्वारा दिए गए पांच करोड रुपये की राशि भी लौटा दी थी. पिछले लोकसभा चुनाव के पूर्व जून 2013 में भाजपा के मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का आभास मिलने पर नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने भाजपा से अपना 17 साल पुराना नाता तोड लिया था.

पिछले लोकसभा चुनाव में जदयू की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देते हुए जीतन राम मांझी को अपना उत्तराधिकारी मनोनीत किया था पर उनके बागी रुख अपनाने पर जदयू द्वारा फिर से नीतीश को गत 22 फरवरी को मुख्यमंत्री पद पर आसीन किया था. बिहार के मुख्यमंत्री का पद चौथी बार संभालने के बाद नीतीश की मोदी से मुलाकात राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पुत्री के शादी समारोह में हुई थी तथा उसके बाद उनकी मुलाकात मोदी से गंगा रिवर बेसिन की बैठक के दौरान तथा गत 26 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा के कारण इस प्रदेश को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग किए जाने के समय हुई थी.

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