हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, जानिए क्या है अंतिम तिथि?

Edited by Nikhil Anurag
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हज भवन, पटना

Haj Application 2027 : हज 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट और हज सुविधा ऐप के माध्यम से 20 जुलाई 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं. मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने सक्षम लोगों से हज में देरी नहीं करने की अपील की है.

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पटना से अजीत कुमार की रिपोर्ट
Haj Application 2027 : हज यात्रा वर्ष 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. हज आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. बिहार, झारखंड और ओडिशा के इमारत-ए-शरिया के नाजिम मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने हज के इच्छुक लोगों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है.

हज इस्लाम का महत्वपूर्ण स्तंभ

मौलाना कासमी ने कहा कि हज इस्लाम के प्रमुख स्तंभों में से एक है और यह अल्लाह की निकटता प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम माना जाता है. उन्होंने कहा कि हदीसों में हज की बड़ी फजीलत बयान की गई है और मकबूल हज को जन्नत का कारण बताया गया है.

सक्षम होने पर हज को न टालें

उन्होंने कहा कि समाज में कई लोग आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम होने के बावजूद हज को टालते रहते हैं, जबकि सामर्थ्य प्राप्त होने के बाद जल्द से जल्द हज अदा करना चाहिए. अधिक उम्र होने पर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण हज की इबादतों और अरकान की अदायगी कठिन हो जाती है.

आवेदन के लिए पासपोर्ट अनिवार्य

नाजिम साहब ने बताया कि हज 2027 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 है. आवेदन करने के लिए वैध अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है. जिन लोगों के पास पासपोर्ट नहीं है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, उन्हें जल्द से जल्द नया पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण कराने की सलाह दी गई है.

ऑनलाइन और हज भवन में मिलेगी सहायता

उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है. इच्छुक लोग हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट और हज सुविधा मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन भरने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर हज भवन, पटना में भी सहायता प्राप्त की जा सकती है.

जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील

मौलाना कासमी ने इमामों, उलेमा, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से अपील की कि वे लोगों को हज के महत्व से अवगत कराएं और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करें. उन्होंने हज कमेटी से भी बिहार में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग करते हुए कहा कि ब्लॉक और पंचायत स्तर तक हज प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण इबादत के लिए प्रेरित हो सकें.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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