चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का पर्दाफाश, तमिलनाडु भेजी जा रहीं दो नाबालिग मुक्त
चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन. फाइल फोटो.
Human Trafficking: चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम हुई. तमिलनाडु ले जाई जा रही दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया. एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
चक्रधरपुर से प्रताप प्रमाणिक की रिपोर्ट
Human Trafficking: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा लिया. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दोनों नाबालिगों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो दोनों लड़कियों को तमिलनाडु ले जाया जा सकता था. इस सफल अभियान को मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल
बुधवार को आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ट्रेन के माध्यम से तमिलनाडु ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त रणनीति बनाकर चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी. स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी गई. जांच के दौरान सुरक्षा बलों की टीम को एक व्यक्ति दो नाबालिग लड़कियों के साथ संदिग्ध स्थिति में मिला. पूछताछ और सत्यापन के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया.
आरोपी की पहचान, पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 33 वर्षीय सोमनाथ लागुरी के रूप में हुई है. वह पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के बोन-हरतालाब गांव का निवासी बताया गया है. पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी दोनों नाबालिग लड़कियों को रोजगार और पैसे का लालच देकर तमिलनाडु ले जा रहा था. प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी की आशंका की पुष्टि होने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया. सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या नहीं. मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है.
नाबालिगों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया
आरपीएफ और जीआरपी की तत्परता के कारण दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया. फिलहाल उन्हें संरक्षण में रखा गया है और उनके परिवारों से संपर्क स्थापित किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों लड़कियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा. साथ ही बाल संरक्षण से जुड़े आवश्यक प्रावधानों का भी पालन किया जा रहा है ताकि बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके.
मानव तस्करी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मानव तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
अभियान में इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस संयुक्त अभियान में जीआरपी थाना प्रभारी मो. सुहेल खां के नेतृत्व में मंगरा उरांव, दीपक महतो, महावीर गागराई और लक्ष्मी गागराई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं आरपीएफ की ओर से सुशील कुमार, जयंत कुमार, राकेश कुमार, सुधीर कुमार, उमाशंकर धार, आर.के. पाल और पिंकी पुर्ती की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई. सभी अधिकारियों और जवानों की सतर्कता के कारण यह कार्रवाई सफल हो सकी.
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संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है. यात्रियों और आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है. अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगें या किसी बच्चे अथवा महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 या नजदीकी आरपीएफ पोस्ट को दें. लोगों की सतर्कता और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से ही मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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