जिले के 3357 स्कूलों को 16 करोड़ रुपये का मिला कंपोजिट ग्रांट, तीन माह में करना होगा खर्च
Author Prabhat khabar news desk
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जिले के सभी सरकारी स्कूलों में विभिन्न तरह के खर्च के लिए 16 करोड़ रुपये कंपोजिट ग्रांट आवंटित किया गया है.
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शैक्षणिक सामग्री, स्वच्छता और विशेष उत्सव के
लिए किया जायेगा खर्च
संवाददाता, पटना
जिले के सभी सरकारी स्कूलों में विभिन्न तरह के खर्च के लिए 16 करोड़ रुपये कंपोजिट ग्रांट आवंटित किया गया है. स्कूलों को ग्रांट की राशि बच्चों के नामांकन के आधार पर दी गयी है. इसमें न्यूनतम ग्रांट 12500 रुपये से एक लाख रुपये तक का दिया गया है. इस ग्रांट का उपयोग सभी सरकारी स्कूल के शैक्षिक, सह शैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं के मद में किया जायेगा. जिले के कुल 3357 स्कूलों को 16 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गयी है. इसमें सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग, केजीबीवी, संस्कृत शिक्षा स्कूलों को कंपोजिट ग्रांट आवंटित किया गया है. कंपोजिट ग्रांट की राशि सभी स्कूलों को 31 मार्च 2025 तक खर्च करनी है. जो स्कूल निर्धारित अवधि तक कंपोजिट ग्रांट की राशि खर्च नहीं करेंगे, उन पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. कंपोजिट ग्रांट की राशि स्कूलों को शैक्षणिक सामग्री, स्वच्छता और विशेष उत्सव पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में खर्च की जायेगी.इन मदों में कंपोजिट ग्रांट की राशि होगी खर्च
स्कूल के अक्रियाशील उपकरणों के प्रतिस्थापनदरी पट्टी और दरी खरीदने के लिए
ग्रीन बोर्ड, सूचना बोर्ड, कार्मिकों का फोटो युक्त विवरण बोर्ड और पेंटिंगचॉक और डस्टर की खरीदारी
परीक्षा संबंधित स्टेशनरी आइटम की खरीदारीपेयजल और विद्युत व्यय
समाचार पत्र नियमित मंगवाने के लिएप्रतियोगिताओं का आयोजन, खेल सामग्री और प्रमाणपत्र प्रिंटिंग के लिए
अग्निशमन यंत्र और गैस रिफिलिंग के लिएप्रयोगशाला संबंधी उपकरणों के मेंटेनेंस के लिए
स्वच्छता और अन्य विशेष कार्यक्रम के लिएस्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करनी होगी 20% राशि
स्कूलों को बच्चों के नामांकन के आधार पर जितनी राशि कंपोजिट ग्रांट के लिए मिली है उसका 20 प्रतिशत स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा. इसमें शौचालय और यूरिनल का रखरखाव, साफ-सफाई में इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडक्ट की खरीदारी के लिए खर्च किया जाना है. इसके साथ ही बच्चों को मध्याह्न भोजन से पहले हाथ धुलाने के लिए साबुन और हैंडवॉश लिक्विड की खरीदारी के साथ ही स्कूल की माइनर रिपेयरिंग व अन्य मदों में खर्च किया जाना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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