पटना : 25 तक शिक्षक योगदान दें नहीं तो होगी एफआइआर

Updated at : 23 Feb 2020 8:06 AM (IST)
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पटना : 25 तक शिक्षक योगदान दें नहीं तो होगी एफआइआर

पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 26 फरवरी से कराया जायेगा. इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जो शिक्षक मंगलवार (25 फरवरी) तक योगदान करने के इच्छुक हैं, उन्हें योगदान करा लिया जाये. साथ ही जिन शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए नियुक्ति […]

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पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 26 फरवरी से कराया जायेगा. इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जो शिक्षक मंगलवार (25 फरवरी) तक योगदान करने के इच्छुक हैं, उन्हें योगदान करा लिया जाये. साथ ही जिन शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए नियुक्ति पत्र दिया गया है, अगर मूल्यांकन के लिए निर्धारित केंद्र पर योगदान नहीं करते हैं तो इसे कर्तव्यहीनता मानते हुए सरकारी कार्य में बाधा माना जायेगा.
साथ ही उस संबंधित शिक्षक के खिलाफ नजदीकी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जायेगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा शनिवार को इंटर परीक्षा के मूल्यांकन को लेकर तैयारियों की समीक्षा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गयी.
इसमें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्तों, सभी नगर आयुक्त, सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी को मूल्यांकन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिया गया.
जिलों को निर्देश दिया गया कि शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी द्वारा किसी नियोजित शिक्षक के संदर्भ में निलंबित करने की अनुशंसा नियोजन इकाई को भेजी जाती है तो उसको तत्काल संज्ञान में लेते हुए निलंबन की कार्रवाई संबंधित मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी सह सचिव द्वारा किया जाये. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में मूल्यांकन की मॉनिटरिंग के लिए सेल गठन करने तथा मूल्यांकन से संबंधित प्रतिदिन रिपोर्ट शिक्षा विभाग व परीक्षा समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को 24 फरवरी से 29 फरवरी तक लगातार मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया है. वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के बाद इस कोटि के माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व डिग्री महाविद्यालयों को छात्र उत्तीर्णता के आधार पर अनुदान की राशि दी जाती है. राज्य सरकार द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 1200 करोड़ की राशि जारी की गयी है. इन विद्यालयों के शिक्षकों को भी मूल्यांकन के कार्य में लगाया जा रहा है. इनके संघ द्वारा आश्वस्त किया गया है कि इस कोटि के विद्यालय व महाविद्यालय के सभी शिक्षकों के द्वारा मूल्यांकन कार्य किया जायेगा.
मूल्यांकन केंद्र पर शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए समिति द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आवश्यक निर्देश दिया गया है. जिलों को बताया गया है कि मूल्यांकन कार्य सरकार की प्राथमिकताओं में हैं. इसमें लाखों बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है. इस कार्य में शिथिलता या बाधा किसी स्तर पर बरदास्त नहीं की जायेगी. कोई शिक्षक या संगठन या अन्य कोई इसमें बाधा पैदा करेगा तो सरकार उसे सख्ती से निबटेगी.
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