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प्रशांत किशोर को 2014 में नरेंद्र मोदी और भाजपा गोडसेवादी क्यों नहीं लगे : सुशील मोदी

Updated at : 18 Feb 2020 7:29 PM (IST)
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प्रशांत किशोर को 2014 में नरेंद्र मोदी और भाजपा गोडसेवादी क्यों नहीं लगे : सुशील मोदी

पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जदयू से निष्कासित प्रशांत किशोर पर करारा हमला बोलते हुए मंगलवार को सवाल किया कि 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत के लिए काम करने का डंका पीटने वाले व्यक्ति को बताना चाहिए उस वक्त मोदी और भाजपा उसे गोडसेवादी क्यों नहीं लगे? भाजपा के वरिष्ठ […]

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पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जदयू से निष्कासित प्रशांत किशोर पर करारा हमला बोलते हुए मंगलवार को सवाल किया कि 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत के लिए काम करने का डंका पीटने वाले व्यक्ति को बताना चाहिए उस वक्त मोदी और भाजपा उसे गोडसेवादी क्यों नहीं लगे? भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने ट्वीट किया है, ”इंवेट मैनेजमेंट करने वालों की अपनी कोई विचारधारा नहीं होती. लेकिन, वे अपने प्रायोजक की विचारधारा और भाषा को तुरंत अपनाने में माहिर होते हैं.

सुशील मोदी बोले, अजीब पाखंड है…
सुशील मोदी ने कहा कि जनता देख रही है कि चुनाव करीब आने पर किसको अचानक किसमें गोडसे के विचारों की छाया दिखने लगी और कौन दूध का धुला सेक्युलर गांधीवादी लगने लगा है.” बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार परप्रशांत किशोर की टिप्पणी को लेकर सुशीलमोदी ने कहा, ”अजीब पाखंड है कि कोई एक व्यक्ति को पितातुल्य बताये और फिर उसी पिता के लिए ‘पिछलग्गू’ जैसा घटिया शब्द चुने.”

सुमोका पीके से सवाल
सुशील मोदी नेप्रशांत किशोर से पूछा, ”जो व्यक्ति 2014 में नरेंद्र मोदी की जीत के लिए काम करने का डंका पीट चुका हो, उसे बताना चाहिए तब मोदी और भाजपा उसे गोडसेवादी क्यों नहीं लगे?” सुशील ने पूछा कि पिछले ढाई साल से नीतीश कुमार भाजपा के साथ हैं, लेकिन चुनाव से आठ महीने पहले वह अचानक गोडसेवादी क्यों लगने लगे?

पीकेको अपनीप्रतिभा का सहीइस्तेमाल करना चाहिए : कांग्रेस सदस्य
वहीं, बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद्र मिश्र ने कहा कि किशोर किशोर को राजद-कांग्रेस गठबंधन से हाथ मिलाकर अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने पूर्व भी हमारे साथ काम किया है इसलिए कोई समस्या नहीं होगी. नीतीश जब महागठबंधन (जदयू, राजद और कांग्रेस) में शामिल थे तब किशोर ने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनके लिए काम किया था.

राजद व रालोसपा के नेता ने दी ये प्रतिक्रिया
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि किशोर को अब पूरी ईमानदारी से राजग विरोधी शक्तियों से जुड़ना चाहिए, ताकि भाजपा के अगुवाई वाले इस गठबंधन को राज्य में सत्ता से बाहर किया जा सके. वहीं, महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा कि किशोर ने हमारे दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा की राज्य में बेहतर शिक्षा सुविधाओं की मांग दोहरायी है. जब हमारे विचार एक हैं तो हाथ नहीं मिलाने की कोई वजह नहीं है. किशोर को महागठबंधन में शामिल होने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनका खुले हाथों से स्वागत किया जायेगा.

पीके एक सजग नागरिक : मांझी
उधर, महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी नेप्रशांत किशोर को बिहार के राजनीतिक भविष्य का चिंता कर सूबे के विकास को लेकर एक सजग नागरिक बताया है. मांझी ने कहा कि बिहार के विकास के लिए अगर किशोर महागठबंधन के साथ आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे.

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