कोरोना वायरस : चीन के हालात नहीं सुधरे, तो दो माह बाद बिहार में दवाएं महंगी
Updated at : 08 Feb 2020 7:36 AM (IST)
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पटना : कोरोना वायरस की चपेट में आया चीन पूरी तरह से दुनिया से कट चुका है. इसका असर सबसे अधिक दवा उद्योग पर पड़नेवाला है. बिहार में बुखार की दवा पारासिटामोल से लेकर सिप्रोफ्लोक्सासिन, इजिथ्रोमाइसिन, ओफ्लोक्सासिन सहित सभी प्रकार के सस्ते रिएजेंट की चीन से ही भारत में आपूर्ति होती है. वर्तमान स्थिति में […]
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पटना : कोरोना वायरस की चपेट में आया चीन पूरी तरह से दुनिया से कट चुका है. इसका असर सबसे अधिक दवा उद्योग पर पड़नेवाला है. बिहार में बुखार की दवा पारासिटामोल से लेकर सिप्रोफ्लोक्सासिन, इजिथ्रोमाइसिन, ओफ्लोक्सासिन सहित सभी प्रकार के सस्ते रिएजेंट की चीन से ही भारत में आपूर्ति होती है.
वर्तमान स्थिति में चीन अगर भारत से कटा रहा तो बिहार में इसका असर दो माह बाद दिखने लगेगा. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन कुमार सिंह ने बताया कि चीन से सस्ती दवाएं भारत में आयात होती हैं. फिलहाल तो राज्य में दवाओं को लेकर कोई संकट नहीं है. चिंता की बात यह है कि अगर यही स्थिति अधिक समय तक खिचती है, तो दो माह के बाद बिहार भी दवाओं की खपत को लेकर परेशानी हो सकती है. जो दवा सस्ती दर पर मिल रही है, वह दो माह बाद महंगी दर पर मरीजों को खरीदनी होगी.
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