पुलिस की मिलीभगत के बिना राज्य में शराब आना संभव नहीं : कोर्ट

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Jan 2020 8:38 AM

विज्ञापन

पटना : राज्य में जब पूर्ण शराबबंदी है, तो फिर शराब कैसे मिल रही है. एक-दो लीटर नहीं, कहीं सैकड़ों तो कहीं हजारों लीटर शराब पकड़ी जा रही है. एक जगह से दूसरे जगह शराब ले जाना कोई मामूली बात नहीं है. जब तक पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारी इस काम में संलिप्त नहीं […]

विज्ञापन
पटना : राज्य में जब पूर्ण शराबबंदी है, तो फिर शराब कैसे मिल रही है. एक-दो लीटर नहीं, कहीं सैकड़ों तो कहीं हजारों लीटर शराब पकड़ी जा रही है. एक जगह से दूसरे जगह शराब ले जाना कोई मामूली बात नहीं है.
जब तक पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारी इस काम में संलिप्त नहीं हो, यह संभव नहीं है. पटना हाइकोर्ट की न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने शराब की खेप के साथ पकड़े गये लोगों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह बात कही. कोर्ट ने इन सभी मामलों की सुनवाई के लिए अगली तारीख 14 फरवरी तय की है.
कोर्ट ने सभी डीएम को 13 फरवरी तक अपने स्तर से जवाब देने का आदेश दिया है. कोर्ट का कहना था कि पूर्ण शराबबंदी कानून लागू करने की जिम्मेदारी डीएम को है. लेकिन, जिस प्रकार शराब की जब्ती हो रही है, उससे लगता है कि यह कानून का सिर्फ दिखावा है.
कोर्ट का कहना था कि जब शराबबंदी है, तो एक जगह से दूसरे जगह शराब ले जाते पकड़े जाने पर कितने कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गयी है. शराबबंदी कानून के तहत कितने पर कार्रवाई की गयी. कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में कैसे दूसरे राज्य से शराब आ रही है, जबकि जगह-जगह पुलिस थानाें के अलावा चेक पोस्ट, बैरियर और उत्पाद विभाग के कर्मी तैनात हैं. कोर्ट का कहना था कि बेरोजगार युवक पैसे और अपनी जीविका चलने के लिए ट्रांसपोर्टेशन के काम में लगे हुए हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन