पटना : राजकोषीय घाटा 6.52% पहुंचा 27 तक विभाग करें राशि सरेंडर
Updated at : 22 Jan 2020 9:10 AM (IST)
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पटना : बिहार का वर्तमान समय में राजकोषीय घाटा बढ़कर 6.52% तक पहुंच गया है. जबकि, नियमानुसार यह तीन प्रतिशत के अंदर होना चाहिए था. हालांकि, अभी चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि राजकोषीय घाटा कितना रहता है. अभी योजनाओं में राशि के खर्च की रफ्तार अधिक होने के […]
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पटना : बिहार का वर्तमान समय में राजकोषीय घाटा बढ़कर 6.52% तक पहुंच गया है. जबकि, नियमानुसार यह तीन प्रतिशत के अंदर होना चाहिए था. हालांकि, अभी चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि राजकोषीय घाटा कितना रहता है. अभी योजनाओं में राशि के खर्च की रफ्तार अधिक होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है.
हालांकि, वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे 27 जनवरी तक अपने यहां की अतिरिक्त राशि या खर्च नहीं होने वाली राशि को सरेंडर कर दें. ताकि, इसका हिसाब बजट में लगाने में सहूलियत मिले. अधिकांश विभाग राशि का प्रत्यार्पण उस वित्तीय वर्ष के अंत में यानी 31 मार्च को करते हैं. इस कारण से प्रत्यर्पित राशि के अनुरूप उस वित्तीय वर्ष का रिवाइस एस्टीमेेट संशोधित नहीं हो पाता है. आगामी वित्तीय वर्ष की बजट पुस्तिका को अंतिम स्वरूप जनवरी के अंत तक दिया जाता है. इस कारण से रिवाइज बजट के अनुरूप इसमें संशोधन किया जाना संभव नहीं हो पाता है.
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