सर्दियों में भी ग्राउंड वाटर लेवल गिरा, ढाई माह में 15 फुट की कमी

Updated at : 02 Jan 2020 3:50 AM (IST)
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सर्दियों में भी ग्राउंड वाटर लेवल गिरा, ढाई माह में 15 फुट की कमी

पटना : बिहार में जाड़े के मौसम में भी ग्राउंड वाटर लेवल घटने लगा है. हालांकि, कुछ इलाकों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गयी है. कई इलाकों में ग्राउंड वाटर लेवल में करीब ढाई महीने के दौरान 15 फुट तक की कमी दर्ज की गयी है. इनमें गया जिले में बांके बाजार, डोभी के इलाके […]

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पटना : बिहार में जाड़े के मौसम में भी ग्राउंड वाटर लेवल घटने लगा है. हालांकि, कुछ इलाकों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गयी है. कई इलाकों में ग्राउंड वाटर लेवल में करीब ढाई महीने के दौरान 15 फुट तक की कमी दर्ज की गयी है. इनमें गया जिले में बांके बाजार, डोभी के इलाके शामिल हैं.

यह आंकड़ा राज्य सरकार की टेलीमेटरी की रिपोर्ट में जारी हुई है. यदि यही हाल रहा तो गर्मी के मौसम में एक बार फिर से जल संकट के हालात पैदा हो सकते हैं. ग्राउंड वाटर लेवल कम होने में सबसे अधिक खराब हालत दक्षिण बिहार के इलाकों की है. वहीं, उत्तर बिहार के मधुबनी जिला जैसे इलाके में भी कमी दर्ज की गयी है.
सूत्रों का कहना है कि राज्य में इस साल बारिश के बाद ग्राउंड वाटर लेवल में बढ़ोतरी दर्ज की गयी थी, लेकिन इसमें 14 अक्तूबर, 2019 के बाद कमी दर्ज की गयी है. 14 अक्तूबर और 29 दिसंबर की टेलीमेटरी की रिपोर्ट के अनुसार करीब ढाई महीने में गया जिले में बेलागंज, बोधगया, मोहरा और अतरी प्रखंड को छोड़कर लगभग सभी जगह ग्राउंड वाटर लेवल में कमी हुई है.
यही हाल मधुबनी, जमुई सहित अन्य जिलों की भी है. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य में ग्राउंड वाटर रिचार्ज की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सिंचाई और पेयजल के लिए बोरिंग से पानी निकालने का असर ग्राउंड वाटर पर पड़ता है. जितनी मात्रा में पानी निकलता है, उतनी मात्रा में आम
दिनों में पानी जमीन के नीचे तक नहीं पहुंचता है.
वाटर रिचार्ज के लिए इन प्रोजेक्टों पर काम शुरू
एक एकड़ से बड़े करीब तीन हजार तालाबों की होगी मरम्मत
छह हजार सोख्ते बनाये जायेंगे
छोटी नदियों पर करीब दो हजार चेक डैम बनेंगे
करीब 1600 आहर-पइन की मरम्मत होगी
छह हजार सोख्ते बना कर ग्राउंड वाटर लेवल होगा रिचार्ज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ड्रीम प्रोजेक्ट जल-जीवन-हरियाली के तहत एक एकड़ से बड़े करीब तीन हजार तालाबों की मरम्मत होगी. वहीं, ग्राउंड वाटर लेवल को बढ़ाने के लिए करीब छह हजार सोख्ते बनाये जायेंगे. सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए छोटी नदियों पर करीब दो हजार चेक डैम बनेंगे और करीब 1600 आहर-पइन की मरम्मत होगी.
करीब 1300 करोड़ रुपये की इन योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. इन्हें मार्च, 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके बाद पानी को लेकर हालात सुधरेंगे. सरकार जल संरक्षण को लेकर काफी गंभीर है. हरियाली यात्रा में सीएम जनता को पानी का महत्व बता रहे हैं.
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