छायेगा घना कोहरा, बादलों का भी रहेगा डेरा
Updated at : 24 Dec 2019 4:49 AM (IST)
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पटना : पटना शहर अब ठंड के साथ साथ घने कोहरे से जूझेगा. मंगलवार से बादल भी छाये रहेंगे और धूप भी निकलेगी. हालांकि दिन का तापमान लगातार बढ़ा हुआ रहेगा. पटना का दिन का तापमान सोमवार को सामान्य से चार डिग्री नीचे 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रिकार्ड किया गया. हालांकि न्यूनतम तापमान […]
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पटना : पटना शहर अब ठंड के साथ साथ घने कोहरे से जूझेगा. मंगलवार से बादल भी छाये रहेंगे और धूप भी निकलेगी. हालांकि दिन का तापमान लगातार बढ़ा हुआ रहेगा. पटना का दिन का तापमान सोमवार को सामान्य से चार डिग्री नीचे 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रिकार्ड किया गया.
हालांकि न्यूनतम तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई. रात का तापमान केवल दस डिग्री सेल्सियस रहा. 25 दिसंबर को बारिश के आसार अभी टले नहीं है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कुछ कमजोर होने की बात कही जा रही है.
सर्वाधिक प्रदूषित शहर का ठप्पा बरकरार : पटना शहर में लगातार दूसरे दिन वायु की गुणवत्ता बेहद कष्टप्रद रही. पटना का एयर क्वालिटी इंडेक्स देश में सबसे अधिक 422 और मुजफ्फरपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 405 दर्ज किया गया. गया का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी खराब रहा. हालांकि इसका इंडेक्स 264 रहा.
अब ठंड में 12 से दो बजे तक चलेगा आंगनबाड़ी केंद्र : राज्यभर में बढ़ी ठंड को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है. जानकारी के मुताबिक 24 दिसंबर से अगले आदेश तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12 बजे से दो बजे तक चलाने का निर्देश दिया गया है. आइसीडीएस ने इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश भेजा है कि वह ठंड को देखते हुए समय में बदलाव कर सकते है.
कार्टन व बोरे पर रैन बसेरों में कट रही रात
ठंड व घने कोहरे के बीच राजधानी में फुटपाथ और रैन बसेरों की जिंदगी बेहद कठिन हो गयी है. हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में ठेले-खोमचे व रिक्शे वालों के लिए जूट का बोरा, सामानों के कार्टन बिछावन बने हुए हैं.
फटी-पुरानी चादर, गमछी को शरीर पर डालकर ठंड को रोकने का प्रयास जारी है. कोई भरपेट तो कोई आधा पेट, कोई बीमार है तो कोई बुजुर्ग है. लेकिन, जिंदगी की इस जद्दोजहद में सभी रैन बसेरों में अभी तक न अलाव पहुंचा है और न ही कंबल. प्रभात खबर ने देर रात रैन बसेरों का हाल जाना.
केस
हड़ताली मोड़ चौराहे पर मौजूद पुराने रैन बसेरा का हाल बुरा है. बुजुर्ग प्रेम कुमार बताते हैं कि सामानों के कार्टन व बोरे को बिछाकर लोग रात काट रहे हैं. टूटी हुई छत के नीचे लोग किसी तरह से रह रहे हैं. यहां पर लोगों ने बताया कि न कंबल मिला है और न ही बिछावन. बस जैसे-तैसे जीवन चल रहा है. यहां अभी अलाव तक नहीं जल रहा है.
केस
नया सचिवालय गोलंबर के पास नया रैन बसेरा बनवाया गया है. अर्जुन साहनी भी इसमें रहते हैं. उन्होंने कहा कि मैं रिक्शा चलाता हूं, पहले यहां पर मेरी झोंपड़ी थी. लेकिन झोंपड़ी गिर गयी. यह रैन बसेरा दो दिन पहले बना है. टेंट के पतले कपड़े से घिरे इस बसेरे में जमीन पर लोग सो रहे हैं. नगर निगम की तरफ से दरी का इंतजाम तो किया गया है. लेकिन, अलाव की व्यवस्था नहीं है.
केस
नया सचिवालय गाेलंबर के पास टेंट के बनाये गये रैन बसेरे में रामप्रवेश रहते हैं. उन्होंने बताया कि अलाव के नहीं रहने से पूरी रात ठंड नहीं जाती है. पैर को मोड़कर ही हम लोग सोते हैं. पूरी रात इतनी ठंड लगती है कि पैर फैला नहीं सकते हैं. नीचे से जमीन से ठंडी लगती है.
केस
आर ब्लॉक के पास बने पुराने रैन बसेरे में काफी संख्या में लोग रहते हैं. रात में कई लोग सोते हैं. यहां रहने वाले बुजुर्ग मोहम्मद चांद ने कहा कि किसी तरह से रात काटते हैं. नगर निगम के लोग कल आये थे. बोले थे कि गद्दा, तकिया, कंबल मिलेगा. लेकिन, अभी तक कुछ नहीं मिला. जमीन पर सोये हुए हैं. ठंड इतनी है कि दरवाजा बंद कर देने के बाद भी ठंड नहीं गयी.
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