प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की मुलाकात, कहा- मैं नहीं चलाता हूं आइपैक

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के नेता हैं. नागरिकता संशोधन विधेयक पर मुख्यमंत्री को जो बताना था वह बता दिया है. मुख्यमंत्री अभी जल जीवन हरियाली कार्यक्रम में लगे हुए हैं. यह कार्यक्रम पूरा हो जायेगा तो इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एनआरसी के पक्ष में नहीं हैं, पर पार्टी का जो स्टैंड है, उसको खुद मुख्यमंत्री ही बतायेंगे. उन्होंने बताया कि वह अपने पुराने स्टैंड पर अभी भी कायम हैं.

जदयू नेता प्रशांत किशोर शनिवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने एक अणे मार्ग पहुंचे. करीब दो घंटे की बातचीत के बाद जब बाहर निकले तो पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन बिल (सीएबी) को लेकर जो कहना था वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कह दिया है. इस मुद्दे पर पार्टी को जो कहना था वह किया है. अब इस मामले पर जो भी कहना होगा उसे मुख्यमंत्री खुद बतायेंगे. पार्टी महासचिव आरसीपी के बयान को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आरसीपी पार्टी के बड़े नेता हैं. उन्होंने जो कह दिया वह कह दिया. उसको तूल देने की जरूरत नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि उन पर जिसको जो आरोप लगाना है वह लगा लें. जहां तक नीतीश कुमार का सवाल है उन्होंने सलाह दी है कि पार्टी में जो कहा गया है,उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. अगर आरसीपी ने अपना मत जाहिर किया है तो इससे उनको कोई आपत्ति नहीं है. वह किसी पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. यह पार्टी के अध्यक्ष का मामला है. पार्टी अध्यक्ष यह देखेंगे कि किसकी गलती है, किसकी गलती नहीं है. किसने बात सही कही, किसने बात गलत कही. मुख्यमंत्री ने उनको सलाह दी है वह इस प्रकार के मामले को उन पर छोड़ दें.

उन्होंने दोहराया कि वह अपने स्टैंड को जिसे सार्वजनिक रूप से कहा है,उस पर अभी भी कायम हैं. पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं से खुद मुख्यमंत्री मिल रहे हैं. अंतिम निर्णय भी उनको लेना है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री का कहना था कि एनआरसी के पक्ष में पार्टी नहीं रही है. नागरिकता संशोधन विधेयक(सीएबी) और एनआरसी के साथ में खतरनाक है. अगर एनआरसी न हो तो नागरिकता संशोधन विधेयक से कोई परेशानी नहीं है. गृह मंत्री ने भी बताया है कि यह नागरिकता देने का बिल है. लेकिन जब उसको एनआरसी से जोड़ देते हैं तो यह भेदभाव पूर्ण हो जाता है. एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि 2020 का कमान खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संभालेंगे.

आइपैक मैं नहीं चलाता हूं : प्रशांत
जदयू नेता ने बताया कि दिल्ली का चुनाव है या त्रिणमूलबंगाल का चुनाव है उसको आइपैक कर रही है. वह आइपैक नहीं चलाते हैं. चलाता है. उनका आइपैक से एसोसिएशन है. आइपैक का कई तरह का काम है. वह एक प्रोफेशनल संस्था है.

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