एसटीइटी : उम्र में आठ साल की छूट मिली तो बहुत कम बचेगा सेवाकाल

Updated at : 05 Dec 2019 8:56 AM (IST)
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एसटीइटी : उम्र में आठ साल की छूट मिली तो बहुत कम बचेगा सेवाकाल

पटना : राज्य सरकार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीइटी) के अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में आठ साल की रियायत नहीं देना चाहती है. दरअसल, राज्य सरकार को एसटीइटी अभ्यर्थियों की उम्र खटक रही है. अगर हाइकोर्ट के फैसले के मुताबिक उन्हें अधिकतम उम्र सीमा में आठ साल की छूट दी जाती है तो नियुक्ति […]

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पटना : राज्य सरकार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीइटी) के अभ्यर्थियों को अधिकतम उम्र सीमा में आठ साल की रियायत नहीं देना चाहती है. दरअसल, राज्य सरकार को एसटीइटी अभ्यर्थियों की उम्र खटक रही है.
अगर हाइकोर्ट के फैसले के मुताबिक उन्हें अधिकतम उम्र सीमा में आठ साल की छूट दी जाती है तो नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या में ऐसे होंगे, जिनका सेवाकाल महज 10 से 15 साल होगा. रिटायरमेंट के लिए शिक्षकों की उम्र सीमा 60 साल है.
कुछ इसी तरह के तर्कों के आधार पर राज्य सरकार ने पटना हाइकोर्ट के एकलपीठ के फैसले के विरुद्ध अपील दायर की है. शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सरकार एसटीइटी के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र सीमा में छूट को अव्यावहारिक मान रही है. अपील याचिका पर सुनवाई के बाद ही एसटीइटी की नयी तिथि घोषित किये जाने की संभावना है.
शिक्षा विभाग का मानना है कि रियायत देने के बाद जो शिक्षक आयेंगे, वे नये शैक्षणिक ट्रेंड के मुताबिक अध्यापन में उतने सक्षम नहीं हाेंगे. यही नहीं, कुछ साल बाद जब वे रिटायर हो जायेंगे, तो फिर शिक्षक भर्ती करने होंगे. इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ेगा.
लेकिन इनका क्या कुसूर –इस मामले में एसटीइटी के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों के संघ का कहना है कि इसमें उनका कोई कसूर नहीं है. पात्रता परीक्षा करीब आठ-नौ साल बाद ली जा रही है. उन्होंने माध्यमिक नियुक्तियों के लिए लंबा इंतजार किया है. उनकी पीड़ा पर महरम भी लगना चाहिए.
शिक्षा विभाग का तर्क: शिक्षा विभाग का तर्क है कि टीइटी की तरह एसटीइटी परीक्षा हर साल कराने के लिए बाध्य नहीं है, क्योंकि विभाग यह परीक्षा किसी एक्ट के तहत नहीं कराता है.
माध्यमिक में नियोजन नहीं हुआ तो चरमरा जायेगा अगला शैक्षणिक सत्र
अगर इन नियुक्तियों में विलंब होता है तो गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि इस साल पंचायतों में भी करीब 2,850 हाइस्कूलों में नौवीं की पढ़ाई शुरू करायी जानी है. भर्ती में विलंब होने से सरकार के इस प्रयास को बड़ा झटका लग सकता है. हालांकि, विभाग इसके लिए मध्य स्कूलों में स्नातक डिग्रीधारी शिक्षकों की तलाश कर रहा है. पहले से संचालित माध्यमिक स्कूलों में पहले से ही योग्य शिक्षकों का अभाव है. लिहाजा सरकार इस मामले में जल्दी फैसला चाहती है.
छूट वाले अधिकतम 15 साल ही कर पायेंगे नौकरी
वर्ग वर्तमान बढ़कर हो अधिकतम
उम्र सीमा जायेगी उम्र सेवा काल
सामान्य 37 वर्ष 45 वर्ष 60 वर्ष
सामान्य महिला 40 वर्ष 48 वर्ष 60 वर्ष
पिछड़ा व अति पिछड़ा 40 वर्ष 48 वर्ष 60 वर्ष
एससी-एसटी 42 वर्ष 50 वर्ष 60 वर्ष
हाइकोर्ट ने उम्र सीमा में आठ साल की छूट देने का दिया है निर्देश
हाइस्कूलों में 37,335 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सात नवंबर को एसटीइटी होना था, पर पटना हाईकोर्ट के निर्णय के मद्देनजर इसे स्थगित कर दिया गया है. हाइकोर्ट ने फैसला दिया था कि 2011 के बाद से एसटीइटी नहीं हुआ. इसलिए 2011 से 2019 के बीच वंचित रहे युवाओं को अधिकतम उम्र में आठ साल की छूट दी जानी चाहिए.
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