शीतकालीन सत्र : सदन में जल-जीवन-हरियाली को लेकर विशेष चर्चा, सुशील मोदी ने कहा...

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन जल-जीवन-हरियाली को लेकर विशेष चर्चा हो रही है. जल-जीवन-हरियाली पर चर्चा के प्रस्तावक विधान पार्षद संजीव कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम कितना महत्वपूर्ण है. बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी ने इस चर्चा का समर्थन किया है. मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने दो अक्तूबर को जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की थी. इस अभियान के तहत तीन वर्षों में कुल 24 हजार 524 करोड़ रुपये खर्च होने किये जाने का अनुमान है.

बिहार विधानपरिषद सदस्य प्रो नवल किशोर यादव ने चर्चा के दौरान प्रश्न उठाया कि क्या यह सही है कि पटना समेत सूबे के सभी जिलों में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई होने बिहार में प्रकृति संतुलन बिगड़ रहा है और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है. इस पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने माना कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन विषय तौर सड़क के चौड़ीकरण एवं भवन निर्माण के कारण पुराने वृक्षों की कटाई हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि सूबे में पौधों की कटाई पर विभागीय स्तर पर कारगर अंकुश रखा गया है. विकास कार्यों हेतु अपरिपक्व पौधों की कटाई के बदले तीन गुणा पौधों का रोपण सुनिश्चित किया जाता है.

वहीं, आदित्य नारायण पांडेय ने गोपालगंज जिले में स्थित थावे मंदिर के पास पार्क निर्माण का मामला उठाया. साथ ही उन्होंने पूछा कि पार्क का निर्माण कब तक कराया जायेगा. इस पर सुशील मोदी ने कहा कि 31.20 एकड़ जमीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नि:शुल्क पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्थायी रूप से स्थानांतरित करने की स्वीकृति दे दी गयी है. थावे में इको पार्क निर्माण के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में इसका निर्माण कराया जायेगा.

इधर, कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने वित्त मंत्री सुशील मोदी के समक्ष राज्यकर्मियों की नयी पेंशन स्कीम के तहत कटौती की गयी राशि मार्च 2019 तक कर्मियों के पेंशन खाते में जमा नहीं किये जाने का मामला उठाया. इस पर वित्त मंत्री सुशील मोदी ने कहा कि राज्यकर्मियों को नयी पेंशन स्कीम के तहत फरवरी तक का फंड कर्मियों के पेंशन खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है. वहीं, एक अप्रैल से कोषागारों में सॉफ्टवेयर सीटीएमआईएस के स्थान पर सॉफ्टवेयर सीएफएमएस लागू किया गया है. सॉफ्टवेयर में आयी परेशानी के कारण मार्च 2019 के वेतन से की गयी फंड कटौती का स्थानांतरण ससमय पेंशन खाते में नहीं किया जा सहा है. साथ ही कहा कि सीएमएमएस में फंड ट्रांसफर की व्यवस्था कर ली गयी है. 13 कोषागारों द्वारा मार्च 2019 का अंशदान एनएसडीएल पर ट्रांसफर कर दिया गया है, जबकि अन्य कोषागारों द्वारा भी फंड ट्रांसफर जल्द ही कर लिया जायेगा.

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