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केंद्र अगले महीने किसानों के लिए शुरू करेगी कुसुम योजना

Updated at : 17 Nov 2019 3:55 AM (IST)
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केंद्र अगले महीने किसानों के लिए शुरू करेगी कुसुम योजना

पटना : केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार अगले महीने किसानों के लिए कुसुम योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना में किसान सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करेंगे, जिसे केंद्र सरकार की एजेंसियां खरीदेंगी. उन्होंने कहा कि केंद्र […]

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पटना : केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार अगले महीने किसानों के लिए कुसुम योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना में किसान सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करेंगे, जिसे केंद्र सरकार की एजेंसियां खरीदेंगी.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नयी नीति लायेगी जिसके तहत लोड शेडिंग करने वाली बिजली कंपनियों पर जुर्माना लगेगा. वहीं राज्य के ऊर्जा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा है कि केंद्रीय योजनाओं में बिहार का भी ध्यान रखा जाये, इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए.
दोनों मंत्री शनिवार को आइजीआइएमएस में नये बने पावरग्रिड विश्राम सदन का उद्घाटन करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने राज्य की बिजली कंपनियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तरह कार्य करने को कहा.
केंद्रीय राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा कि कुसुम योजना के तहत किसान अपनी बंजर जमीन में सोलर प्लेट लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे. उनकी बिजली केंद्रीय एजेंसियां खरीदेंगी. इससे प्रति एकड़ करीब 70 हजार रुपये सालाना की आमदनी हो सकेगी. किसान इस बिजली से मुफ्त में सिंचाई कर सकेंगे.
कंपनियों को विदेश में निवेश करने का सुझाव
केंद्रीय मंत्री ने सभी बिजली कंपनियों को विदेश में निवेश करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि एनटीपीसी को बांग्लादेश में बिजली उत्पादन का काम मिला है. हर घर बिजली का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को छोड़कर पूरा हो चुका है.
वहां के कुछ नक्सली इलाकों में हर घर बिजली नहीं पहुंची है, इस पर काम हो रहा है. अब पूरे देश में एक ग्रिड है. इससे एक लाख आठ हजार मेगावाट बिजली का प्रवाह हो सकता है. इसे अगले साल एक लाख अठारह हजार मेगावाट किया जायेगा.
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए रिन्युएबल एनर्जी पर जोर
पर्यावरण की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि रिन्युएबल एनर्जी पर जोर दिया जायेगा. इसके तहत 2022 तक सौर ऊर्जा से एक लाख 75 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है. इसमें से 83 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए सोलर प्लांट लगाये जा चुके हैं.
30 हजार मेगावाट के प्लांट निर्माणाधीन हैं और 35 हजार मेगावाट का प्लांट टेंडर प्रक्रिया में है. वहीं, अगले दशक में साढ़े चार लाख मेगावाट बिजली उत्पादन रिन्युएबल इनर्जी से करने का लक्ष्य है. पनबिजली से 45 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है.
नहीं होगी लोड शेडिंग, मिलेगी 24 घंटे बिजली
देश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नयी नीति लाने जा रही है, जिसके तहत लोड शेडिंग करने वाली बिजली कंपनियों को जुर्माना देना होगा. वहीं जेनेरेटर व्यवस्था खत्म होगी. इस संबंध में 19 नवंबर को कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जायेगा. परिवहन व्यवस्था भी बिजली से चलाने की व्यवस्था की जा रही है. सभी जगह चार्जिंग स्टेशन लगाये जा रहे हैं.
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