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पटना : इ-पंचायत सॉफ्टवेयर से हो रही मॉनीटरिंग

Updated at : 16 Nov 2019 9:24 AM (IST)
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पटना : इ-पंचायत सॉफ्टवेयर से हो रही मॉनीटरिंग

3542 पंचायतों में आरटीपीएस केंद्रों पर मिल रहे हैं जाति, आय व अवासीय प्रमाणपत्र पटना : राज्य की 3542 पंचायतों में बने पंचायत सरकार भवन में आम लोगों का जाति, आय और आवासीय प्रमाणपत्र मिल रहा है. पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत ने शुक्रवार को बताया कि इ- पंचायत के माध्यम से पंचायत प्रशासन को […]

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3542 पंचायतों में आरटीपीएस केंद्रों पर मिल रहे हैं जाति, आय व अवासीय प्रमाणपत्र

पटना : राज्य की 3542 पंचायतों में बने पंचायत सरकार भवन में आम लोगों का जाति, आय और आवासीय प्रमाणपत्र मिल रहा है. पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत ने शुक्रवार को बताया कि इ- पंचायत के माध्यम से पंचायत प्रशासन को ठीक किया जा रहा है. पंचायतों द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं को इ-पंचायत सॉफ्टवेयर के माध्यम से मॉनीटरिंग की जा रही है.

उन्होंने बताया कि स्थानीय नागरिकों को सुविधा देने के लिए पंचायतों में ही लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत सेवाएं दी जा रही हैं. गांव के लोगों को जाति, आय व आवासीय प्रमाणपत्र पंचायत सरकार भवन में स्थापित आरटीपीएस केंद्रों से उपलब्ध करायी जा रही है. इसके लिए राज्य की कुल 3542 पंचायतों में आरटीपीएस केंद्रों की स्थापना की गयी है. सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि राज्य में 3200 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है. इनमें 1171 पंचायत सरकार भवन निर्मित भी हो चुके हैं. पंचायतों में जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 6188 पंचायतों में कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति हुई है. पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के सतत प्रशिक्षण के लिए राज्य के 24 जिलों में 5.14 करोड़ की लागत से छोटे जिलों में चार करोड़ की लागत से जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण की स्वीकृति भी दी गयी है.

18 हजार करोड़ के ऑडिट को ले डीडीसी की बैठक प्रति सप्ताह : पंचायती राज विभाग द्वारा जिलों को उपलब्ध करायी गयी राशि में से 18 हजार करोड़ की राशि का ऑडिट रिपोर्ट अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हुई है. पंचायती राज के निदशक चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि राज्य के एक लाख 14 हजार वार्डों में राशि खर्च की गयी है. हर वार्ड की ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जानी है.

इसके लिए पंचायती राज विभाग में खुद अंकेक्षण कैडर तैयार किया गया है. इसके तहत 313 ऑडिटरों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है. उन्होंने बताया कि 18 हजार करोड़ की लंबित राशि को लेकर हर सप्ताह डीडीसी की बैठक आयोजित की जा रही है. उन्होंने बताया कि पंचायतों में खर्च की गयी राशि में कहीं भी गड़बड़ी नहीं है.

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