पटना : अंतर विवि एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पीयू के छात्र जायेंगे विदेश
Updated at : 13 Nov 2019 9:15 AM (IST)
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पटना : पटना विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं भी विदेश सेमिनार या सम्मेलनों में भाग लेने जा सकते हैं. इसके अतिरिक्त रिसर्च वर्क के लिए भी छात्र जा पायेंगे. पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह अभी हाल में यूक्रेन से सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेकर आ चुके हैं. अंतर विवि एक्सचेंज […]
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पटना : पटना विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं भी विदेश सेमिनार या सम्मेलनों में भाग लेने जा सकते हैं. इसके अतिरिक्त रिसर्च वर्क के लिए भी छात्र जा पायेंगे. पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह अभी हाल में यूक्रेन से सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेकर आ चुके हैं.
अंतर विवि एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आगे छात्र भी यूक्रेन जायेंगे. वहीं, वहां के छात्र भारत आयेंगे. इसके अतिरिक्त भी कुछ अन्य देशों के विश्वविद्यालय से पीयू करार कर रही है. कुछ हो चुके हैं कुछ पाइप लाइन में हैं. यहां पर उन छात्रों का खर्च पीयू उठायेगी वहीं वहां के छात्रों का खर्च वहां की यूनिवर्सिटी उठायेगी. लेकिन आने जाने का खर्च छात्रों को स्वयं वहन करना होगा.
इंटरनेशनल हॉस्टल का होगा निर्माण :
पटना विश्वविद्यालय इसको लेकर तैयारी भी कर रहा है कि जब विदेशों से छात्र आयें तो उन्हें यहां रहने की पूरी व्यवस्था हो. चूंकि विदेश के छात्र वर्तमान में स्थित हॉस्टलों में नहीं रह सकते. पीयू रानीघाट या सैदपुर में इंटरनेशनल लेवल का हॉस्टल बनाया जायेगा. रजिस्ट्रार मनोज मिश्र ने कहा कि छात्रों के लिए भी विदेश जाने की व्यवस्था होगी. इसको लेकर विदेश कमेटी के संयोजक मो. डॉ शरीफ को जिम्मा दिया गया है. कमेटी के साथ बैठक में वे रूप-रेखा तैयार करेंगे. हॉस्टल बनाने को लेकर काम चल रहा है. जल्द ही इस संबंध में ठोस निर्णय ले लिये जायेंगे.
पटना : राज्य में कई ऐसे आयुर्वेदिक कॉलेज हैं, जहां पठन पाठन बंद पड़ा हुआ है. राज्य सरकार राज्य में मेडिकल कॉलेज के नाम पर केवल एलोपैथ कॉलेजों को ही बढ़ावा देती है.
आयुष के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय पर कोई बात नहीं होती है, जबकि चिकित्सा की सबसे प्राचीन और प्रभावी पद्धति आयुष को पोषण की आवश्यकता है. बीआइए हॉल में आयुष मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में धन्वंतरी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेदाचार्यों ने कही. सेमिनार का उद्घाटन जेपी वर्मा और आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मदन गोपाल वाजपेयी ने की. वाजपेयी ने चिकित्सा जगत के देवता धन्वंतरी जी के बारे में लोगों को बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले पहल चिकित्सा के क्षेत्र की उपयोगिता न केवल सिद्ध की बल्कि उसे सर्वप्रथम स्थापित भी किया.
डॉ आरपी सिंह ने किडनी और हार्ट की बीमारियों के रोकथाम का वैज्ञानिक विश्लेषण किया. केंद्रीय प्रवक्ता डॉ जीतेंद्र नाथ मौर्य, छात्रविंग के अध्यक्ष बीरेंद्र नाथ मौर्य ने सरकारी उदासीनता पर सवाल उठाये. केंद्रीय परिषद के सदस्य डॉ संत प्रसाद ने आयुष को आधुनिक चिकित्सीय अनुसंधान को समृद्ध करने की मांग सरकार से की. डॉ मधुरेंद्र पांडेय ने कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा आयुष डॉक्टरों की बहाली की जाये और एलोपैथ के समान वेतन मिले.
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