पटना : नशे के रूप में दवाओं के उपयोग पर रोक के लिए चलेगा अभियान
Author Prabhat khabar digital desk
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पुलिस मुख्यालय का विशेष जांच चलाने का निर्देश पटना : पुलिस मुख्यालय ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बाद तेजी से बढ़ती नशे की तस्करी में प्रतिबंधित दवाओं या रसायन व मेडिकल आधारित दवाओं का नशीले पदार्थ के रूप में बढ़ते प्रयोग को रोकने के लिए पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का […]
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पुलिस मुख्यालय का विशेष जांच चलाने का निर्देश
पटना : पुलिस मुख्यालय ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बाद तेजी से बढ़ती नशे की तस्करी में प्रतिबंधित दवाओं या रसायन व मेडिकल आधारित दवाओं का नशीले पदार्थ के रूप में बढ़ते प्रयोग को रोकने के लिए पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसके तहत सभी जिलों के डीएम और एसपी को अपने-अपने इलाके में मौजूद सभी दवा दुकानों में प्रतिबंधित दवाओं की सघन जांच करने तथा एस-ड्राइव चलाने को कहा है.
अगर किसी दुकान के पास इस तरह की दवाओं को बेचने की अलग से अनुमति है, तो उसके पास निर्धारित मात्रा से ज्यादा इसका स्टॉक नहीं होना चाहिए. इस जांच अभियान में सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर और ड्रग कंट्रोलर को भी शामिल करने के लिए कहा गया है. आर्थिक अपराध इकाई ने इससे संबंधित पूरी रणनीति तैयार की है, जिसके जरिये पूरे जांच अभियान को अमली-जामा पहनाया जा सके. पहले सभी जिलों को कहा गया है कि वे ड्रग इंस्पेक्टर के माध्यम से सभी दवा दुकानदारों को इसे लेकर ताकीद करवायें. इसके बाद सघन जांच अभियान की शुरुआत की जाये.
इसमें जो भी दोषी पाये जाये, उनके खिलाफ शराबबंदी कानून में उल्लेखित प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाये. राज्य में निबंधित दवा दुकानों की संख्या करीब 45 हजार है. इन सभी की सघन जांच होगी. इसके लिए सभी डीएम और एसपी को अपने-अपने जिले के ड्रग इंस्पेक्टर एवं ड्रग कंट्रोलर की निरंतर बैठक भी करने को कहा गया है. ताकि इस पर लगातार नजर रखी जा सके.
प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग हो रहा नशाखोरी में
राज्य के कई स्थानों में यह देखा गया है कि नशाखोरी के मामले में बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग हो रहा है. ऐसे मामले भी सामने आये हैं कि इन्हें दवा दुकानों से अधिक कीमत या ब्लैक में भी खरीदा जा रहा है. इनमें मुख्य रूप से कोडनिन आधारित कफ-सिरफ, केटोमाइन इंजेक्शन, नींद के कुछ ड्रग्स समेत एेसी अन्य दवाएं शामिल हैं.
कोडनिन आधारित कफ सिरफ के करीब 70 ब्रांड को केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित भी कर रखा है. परंतु कई इलाकों में इनके अवैध रूप से बिकने की सूचना मिली है. कुछ ग्रामीण इलाकों में दवा दुकानें ऐसी दवाओं की नियमित बिक्री भी करती हैं.
बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाओं की हुई है बरामदगी
पिछले तीन सालों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में ऐसी अवैध दवाओं की बरामदगी भी हुई है. करीब 40 हजार बोतल कोडनिन आधारित कफ सिरफ तथा कुछ दूसरी ब्रांडों की भी अवैध कफ सिरफ के अलावा एक हजार से ज्यादा केटामाइन इंजेक्शन बरामद हो चुके हैं.
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