ग्राम कचहरी कर सकता है फॉरेंसिक साइंस का उपयोग
Updated at : 11 Nov 2019 8:25 AM (IST)
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पटना: ग्राम कचहरी अपने कार्य के निर्वहन में फॉरेंसिक साइंस का उपयोग पुलिस की मदद से कर सकता है. इससे वैज्ञानिक पद्धति से अनुसंधान किया जा सकता है. यह बातें रविवार को पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने कही. वह चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पंचायती राज पीठ की ओर से डीएसपी के लिए एक दिवसीय उन्मुखी […]
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पटना: ग्राम कचहरी अपने कार्य के निर्वहन में फॉरेंसिक साइंस का उपयोग पुलिस की मदद से कर सकता है. इससे वैज्ञानिक पद्धति से अनुसंधान किया जा सकता है. यह बातें रविवार को पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने कही. वह चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पंचायती राज पीठ की ओर से डीएसपी के लिए एक दिवसीय उन्मुखी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. आयोजन ग्राम कचहरी के संदर्भ में किया गया.
राज्य सूचना आयुक्त ओम प्रकाश ने ग्राम कचहरी के कार्यों में उच्चतम न्यायलय के फैसले का जिक्र किया. वहीं पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने ग्राम कचहरी और पुलिस प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने पर बल दिया. अवकाश प्राप्त जिला न्यायाधीश हरिशचंद्र सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को बिहार ग्राम कचहरी एक्ट के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. इसके पहले पंचायती राज के चेयर प्रोफेसर प्रो एसपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया.
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