सांस लेने पर आफत : बिहार की हवा की स्थिति और भी नाजुक, पटना और मुजफ्फरपुर सबसे प्रदूषित शहर

Updated at : 26 Oct 2019 6:10 AM (IST)
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सांस लेने पर आफत : बिहार की हवा की स्थिति और भी नाजुक, पटना और मुजफ्फरपुर सबसे प्रदूषित शहर

प्रदूषण पर सरकारी एजेंसियों को नोटिस पटना : सर्दियों की शुरुआत होते ही राजधानी में वायु प्रदूषण एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगा है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्लान जारी किये हुए करीब साल भर से अधिक हो चुका है. इसके बावजूद पटना में हवा की गुणवत्ता सुधर नहीं पा रही है. पटना […]

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प्रदूषण पर सरकारी एजेंसियों को नोटिस
पटना : सर्दियों की शुरुआत होते ही राजधानी में वायु प्रदूषण एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगा है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्लान जारी किये हुए करीब साल भर से अधिक हो चुका है.
इसके बावजूद पटना में हवा की गुणवत्ता सुधर नहीं पा रही है. पटना और मुजफ्फरपुर बिहार के सबसे प्रदूषित शहर हैं. इस साल अभी तक प्रदेश में एक भी दिन स्वच्छ हवा नहीं बही है. दरअसल, समूचे प्रदेश के शहरों का का एयर क्वालिटी इंडेक्स सर्दी होते ही बहुत ज्यादा खराब हो गया है.
डीएम, नगर निगम और भवन एवं पथ निर्माण एजेंसियों को नोटिस देने जा रहा है. नोटिस में वह चेतावनी देने जा रहा है कि अगर शहर में हो रहे निर्माण कार्य में प्रदूषण नियंत्रण की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया तो इस दिशा में संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ अशोक कुमार घोष ने बताया कि हम पहले भी नोटिस जारी कर चुके हैं.
इस बार सीधे डीएम को सूचना भेजी जा रही है. निर्माण से जुड़े भवन निर्माण एवं पथ निर्माण विभाग को भी लिखित नोटिस दिया जायेगा. बोर्ड का आकलन है कि सरकारी एजेंसियां निर्माण कार्य से जुड़ी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही हैं. सरकारी एजेंसियां निर्माण स्थल को बिना कवर किये निर्माण कर रही हैं. यही वजह है कि वायु प्रदूषण पर किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं हो पा रहा है.
जलजमाव और धूल कणों की अधिकता से शहर परेशान
पटना में पीएम 2.5 के घनत्व ज्यादा खतरनाक और चिंताजनक है. यह देखते हुए कि शहर में नमी की मात्रा ज्यादा होने से इसके कण हवा में भी बहुत ऊपर न उड़कर नीचे ही रहेंगे. इस तरह पानी की गंदगी से शहर में एक तरफ डेंगू की भयावहता खड़ी हो गयी है. दूसरी तरफ सांस लेने में दिक्कत खड़ी करने वाले हानिकारक धूल कणों की मात्रा चरम पर है.
बिहार की हवा की स्थिति और भी नाजुक
बादल छाये और हालिया बरसात के बाद भी पटना और बिहार के दूसरे शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति भयावह बनी हुई है. पिछले चार दिनों से देश के टॉप पांच प्रदूषित शहरों में बिहार के दो शहर हैं. 24 अक्तूबर के दिन गाजियाबाद( एक्यूआइ 335) के बाद मुजफ्फरपुर का 327 और पटना का एयर क्वालिटी इंडेक्स 310 था. इसे स्वास्थ्य के नजरिये से बहुत ही खराब माना जाता है.
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