साहित्य, संस्कृति पर विमर्श गहरा
Updated at : 20 Oct 2019 8:03 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : मैं दूसरी बार पटना आया हूं. मुझे यह एहसास हो रहा है कि यहां साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत की विरासत पर विमर्श गहरा है. जो साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत की विरासत का सम्मान करते हैं, वो बीते कल का सम्मान कर वर्तमान का निर्माण करते हैं. यह बड़ी बात है कि […]
विज्ञापन
पटना : मैं दूसरी बार पटना आया हूं. मुझे यह एहसास हो रहा है कि यहां साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत की विरासत पर विमर्श गहरा है. जो साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत की विरासत का सम्मान करते हैं, वो बीते कल का सम्मान कर वर्तमान का निर्माण करते हैं. यह बड़ी बात है कि हम भविष्य को धरोहर दे रहे हैं.
यहां बातें बॉलीवुड गीतकार इरशाद कामिल ने प्रेमचंद रंगशाला में कही. शनिवार को ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन द्वारा दो दिवसीय बिहार एक विरासत कला और फिल्म महोत्सव 2019 का आयोजन भव्य अंदाज में किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत पद्म विभूषण डॉ सोनल मान सिंह, फिल्म फेयर और आइफा अवार्ड से सम्मानित बॉलीवुड गीतकार इरशाद कामिल के साथ हुआ. डॉ सोनल मान सिंह ने कहा कि कला को बचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए. महोत्सव में पद्म डॉ जे के सिंह, डॉ अजीत प्रधान, डॉ शांति जैन, आर एन दास, दीपक आनंद ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




