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पटना : कारोबार चौपट, लोन चुकाने की सताने लगी चिंता

Updated at : 05 Oct 2019 9:05 AM (IST)
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पटना : कारोबार चौपट, लोन चुकाने की सताने लगी चिंता

प्रमोद झा पटना : पूजा सीजन को देखते हुए कारोबारियों ने लोन लेकर कारोबार शुरू किया, ताकि पूजा में कुछ कमाई हो सके. कमाई तो नहीं हुई उल्टे उन्हें लोन चुकाने की चिंता सताने लगी है. आर्थिक परेशानी के साथ अब मानसिक यातना झेलने को मजबूर हैं. जिसतरह से नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के […]

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प्रमोद झा
पटना : पूजा सीजन को देखते हुए कारोबारियों ने लोन लेकर कारोबार शुरू किया, ताकि पूजा में कुछ कमाई हो सके. कमाई तो नहीं हुई उल्टे उन्हें लोन चुकाने की चिंता सताने लगी है. आर्थिक परेशानी के साथ अब मानसिक यातना झेलने को मजबूर हैं. जिसतरह से नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए कम-से-कम डेढ़ साल इंतजार करना होगा. वह भी तब, जब कारोबार ठीकठाक चले. जलजमाव के कारण आठ दिनों के बाद दुकान खोलने पर भी दुकानदार अपनी दुकान चलाने के बजाय पानी में भीगे सामान को सुखाने में लगे हैं.
कंकड़बाग के हनुमाननगर में कारोबारियों की परेशानी
हनुमाननगर में पिछले 17 वर्षों से प्रवीण कुमार सिंह रेडिमेड कपड़े की दुकान चला रहे हैं. जलजमाव ने उनकी कमाई पर पानी फेर दिया. दुकान के बेसमेंट सहित अन्य हिस्से में पानी घुसने से लगभग चार लाख की क्षति का अनुमान है. सारे नये कपड़ों को सुखाया जा रहा है. क्षति की भरपाई के लिए वे बीमा कंपनी के सर्वेयर के संपर्क में हैं, ताकि लोन चुकता करने में परेशानी नहीं हो. बताया कि जाड़े में होनेवाला कारोबार भी ठीक से नहीं हो पायेगा.
हपत्रकार नगर थाने के पास नाइन इलेवन डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर आटा के पैकेट, साबुन, सर्फ सहित अन्य सामग्रियों को खुले में रखा गया है. ये सामान पानी से बर्बाद हो चुके हैं. दुकान के अंदर लगभग डेढ़ फुट पानी घुसने से एक फ्रीजर और उसमें रखने वाले सामान पूरी तरह से खराब हो गये हैं. लगभग डेढ़ लाख से ऊपर की क्षति बतायी जा रही है. दुकानदार ने बताया कि क्षतिपूर्ति होने में साल भर लगेगा.
लिट्टी बेच कर परिवार का भरण-पोषण करनेवाले शंकर सहनी की आंखों में जलजमाव की व्यथा देखी. मलाही पकड़ी चौक पर तीन पुश्तों ने यह काम किया. उन्होंने बताया कि 1975 में आयी बाढ़ में छोटे थे. उस समय पानी लगा था. इसके बाद कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी. पानी जमा होने पर तीन से चार दिन में कम हो जाता था. आठ दिनों के बाद ठेला बाहर निकाला. कारोबार बंद होने से काफी परेशानी झेलनी पड़ी.
पूजा को लेकर तरह-तरह की डिजाइन में चूड़ी, लहठी सहित कॉस्मेटिक, खिलौना व अन्य सामग्री को बेच मुनाफा कमाने का रणधीर, अजय व ब्रजेश का सपना चकनाचूर हो गया. दुकान में तीन से चार फुट पानी होने से काउंटर सहित दो कंप्यूटर भी बर्बाद हो गये. लगभग दो लाख से अधिक की बर्बादी हुई है. यह स्थिति हनुमाननगर इलाके में अन्य दुकानदारों की भी है. दुकानदार दुकान साफ करने में व्यस्त हैं.
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