पटना के कई इलाकों में अब भी जलजमाव, बढ़ा डायरिया का खतरा, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, खाली घरों पर चोरों की नजर

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : राजधानी पटना में जलजमाव अब भी कई मोहल्लों में लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है. राजधानी के राजेंद्र नगर, पाटलिपुत्र, राजीव नगर समेत बाइपास के दक्षिण सहित कई मोहल्लों में अब भी लोग अपने घरों में कैद हैं. संप हाउस के ठीक से काम नहीं करने से जलजमाव वाले मोहल्लों में पानी निकालना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, कुछ मोहल्लों में पानी घटा है. काफी दिन तक पानी जमा होने से बदबू के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है.

डायरिया की चपेट में आये कई इलाके

जलजमाव के कारण कुछ इलाकों में डायरिया का प्रकोप दिखने लगा है. कंकड़बाग में पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कंप्लेक्स के सामने झोपड़ियों में रह रहे लोग डायरिया की चपेट में आ गये हैं. इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च के डॉक्टरों की टीम कंकड़बाग और गर्दनीबाग इलाके में सर्वे कर रही है. डॉक्टरों ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सर्वे करा कर प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच दवा वितरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि गंदगी को लेकर इस तरह की समस्या होती है. प्रभावित लोग पानी उबाल कर पीयें. घरों में पानी को जमने नहीं दें. इधर, कंकड़बाग में जलनिकासी के बाद मोहल्लों में ब्लिचिंग पावडर का छिड़काव शुक्रवार को किया गया.

पटना के कई इलाकों में अब भी जलजमाव, बढ़ा डायरिया का खतरा, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, खाली घरों पर चोरों की नजर

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अरवल, जहानाबाद और पटना जिले के पुनपुन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने बाढ़ से प्रभावित इन सभी इलाकों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को राहत-बचाव से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. इस दौरान उनके साथ जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार और सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार भी मौजूद थे.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का दावा, पटना में नहीं फैलेगी महामारी

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने दावा किया कि पटना में महामारी फैलने की संभावना काफी कम है. दुर्गापूजा के मौके पर राजधानी के पंडालों में हेल्थ कैंप लगाये जायेंगे. राजधानी में जलमाव को लेकर खास पहल की जा रही है. प्रभावित इलाकों और मोहल्लों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है. पेयजल को लेकर भी जागरूकता अभियान जारी है.

मेयर बोलीं- 48 घंटे में जल निकासी की समस्या खत्म होगी

इधर, राजधानी की मेयर सीता साहू ने शुक्रवार को जललमाव को लेकर बैठक की. उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर राजधानी से हम पानी निकालने में सफलता पा लेंगे. सभी जगहों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गयी है. संप हाउस के साथ-साथ अतिरिक्त डीजल और इलेक्ट्रिक पंपों से पानी निकाला जा रहा है.

घटने लगा पुनपुन का पानी, पटना से टला खतरा

इधर, राजधानी से सटे पुनपुन नदी में पानी घटने लगा है. केंद्रीय जल आयोग की शुक्रवार की शाम जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पुनपुन नदी का जलस्तर श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 301 सेंटीमीटर ऊपर था. लेकिन, इसके शनिवार की सुबह तक 13 सेंटीमीटर तक कमी आने की संभावना है. वहीं, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर फतुहा में पुनपुन नदी के जलस्तर से छह इंच ऊपर है. गंगा के घटते जलस्तर को देखते हुए अगले चौबीस घंटे में यह एक फीट तक नीचे आने की सभावना जतायी जा रही है.

खाली घरों पर चोरों की नजर

जलजमाव को लेकर अपने घरों में ताला बंद कर सुरक्षित ठिकानों पर जानेवाले लोगों के घर चोरों के निशाने पर आ गये हैं. पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित मकान नंबर 143 में रहनेवाले डॉ जावेद अहमद पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अपने घर में ताला बंद कर अपने एक रिश्तेदार के घर चले गये थे. शुक्रवार को जब वह घर लौटे तो उनके घर के ताले टूटे पड़े थे. चोरों ने 50 हजार रुपये नकद और करीब दो लाख रुपये के जेवरात की चोरी कर चुके थे. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अब तक चोरों का सुराग पुलिस को नहीं लग पाया है. वहीं, पाटलिपुत्र थानाप्रभारी का कहना है कि चोरी के वक्त डॉ जावेद का कमरा बंद था. वह अपने रिश्तेदार के यहां परिवार समेत चले गये थे. ऐसे में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया. मामला दर्ज कर लिया गया है. आसपास के सीसीटीवी के वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

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