गांधी व बिहार के बीच गौरवशाली रिश्ता
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गांधी और बिहार के बीच अटूट और गौरवशाली रिश्ता है. जब भी गांधी का जिक्र होता है, तो हर बिहारी को लगता है कि किसी अपने की बात हो रही है. हमें गांधी पर गर्व है. गांधी का सम्मान बिहार का सम्मान है. उन्होंने यह […]
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पटना : विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गांधी और बिहार के बीच अटूट और गौरवशाली रिश्ता है. जब भी गांधी का जिक्र होता है, तो हर बिहारी को लगता है कि किसी अपने की बात हो रही है. हमें गांधी पर गर्व है. गांधी का सम्मान बिहार का सम्मान है. उन्होंने यह बातें बुधवार को ज्ञान भवन में आयोजित गांधी विचार समागम के समापन समारोह में अध्यक्षीय भाषण देते हुए कहीं.
उन्होंने दो टूक कहा कि गांधी का चंपारण में पहुंचना आधुनिक भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना है. इसने भारतीय इतिहास की दिशा बदल दी. इस दौरान उन्होंने चंपारण के किसान राजकुमार शुक्ल को गांधी का जोहरी और प्रताप पत्र के तत्कालीन संवाददाता पीर मुहम्मद मुनीस को निडर पत्रकार बताया.
इन दोनों ने चंपारण के किसानों के दर्द से गांधी को रू-ब-रू कराया था. प्रदेश के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि गांधी के विचारों को बिहार सरकार धरातल पर उतार रही है. इसके लिए उन्होंने कई कार्यक्रमों का उल्लेख भी किया.
गांधी अभी जिंदा हैं : कुमार प्रशांत
गांधी शांति प्रतिष्ठान से जुड़े गांधीवादी कुमार प्रशांत ने कहा कि गांधी मरे नहीं हैं. वे अभी जिंदा हैं. जब भी हम विकल्पहीन होते हैं. वे हमारे सामने आ खड़े होते हैं. वे समाधान के रूप में हमारे साथ हैं. वे कालातीत हैं. उन्होंने दूसरों की पीड़ा को महसूस किया. उसे दूर करने का खुद प्रयास किया. उपदेश नहीं दिया. जो कहा, करके दिखाया.
कुमार प्रशांत ने बड़ी बेबाकी से कहा कि गांधी को जनता के पैसे की अहमियत का पता था.
वे विशाल बिड़ला भवन की एक छोटी -सी कोठरी में रहते थे. वहीं नये भारत के जनप्रतिनिधि सड़कों के बनने पर भी लगे बोर्ड पर अपना नाम लिखवाते हैं. उस पर जनता के पैसे को अपना पैसा बताते हैं.
समाज के महान चिकित्सक थे गांधी
प्रतिष्ठित विद्वान प्रो ऋतु प्रिया ने कहा कि गांधी समाज के बड़े चिकित्सक थे. उन्होंने सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए तमाम रास्ते अपनाये. इससे पहले सुगंधा मुंशी ने सभी नौ सत्रों के बारे में जरूरी बातें बतायीं. स्वागत भाषण शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने दिया. कार्यक्रम संचालन प्रो जयंत तोमर ने किया. समापन समारोह में अतिथियों ने किलकारी के बच्चों की तरफ से तैयार पुस्तिका का विमोचन किया
सत्रों का निचोड़
प्रथम सत्र : गांधी के शिक्षा के विचार हमेशा प्रासंगिक रहेंगे,क्योंकि बिहार में उसके प्रयोग सफल रहे हैं.
द्वितीय सत्र : गांधी की नजर में सबसे अहम शब्द नहीं, इंसानियत की भाषा है.
तृतीय सत्र : गांधी के सपनों का भारत स्व चिंतन का विषय है, परिभाषित करने की विषय वस्तु नहीं.
चतुर्थ सत्र : गांधी का सौंदर्य बोध नैतिक और स्वतंत्र अनुभव है.
पांचवां सत्र : गांधी असंभव नहीं, उन जैसा कोई भी बन सकता है.
छठा सत्र : राजनीति में आरोप का खेल सच्चाई के साथ संवाद करने पर दूर किया जा सकता है.
सातवां सत्र : गांधी के प्रयोग कुछ कर दिखाने से पहले की पृष्ठभूमि थे.
आठवां सत्र : गांधी के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी हकीकत स्वीकार करें.
नौवां सत्र : बीमारियों का प्राकृतिक हल ढूंढ़ कर उन पर काबू पाएं.
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