9.70 लाख विद्यार्थियों के खाते में नहीं पहुंचे किताबों के पैसे, 6.49 लाख बच्चे कक्षा एक से पांच तक के हैं

Published at :28 Sep 2019 8:44 AM (IST)
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9.70 लाख विद्यार्थियों के खाते में नहीं पहुंचे किताबों के पैसे, 6.49 लाख बच्चे कक्षा एक से पांच तक के हैं

पटना : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के 9.70 लाख विद्यार्थियों के खाते में किताबों को खरीदने के लिए दी जाने वाली राशि नहीं पहुंच पायी है. इनमें सर्वाधिक 6. 49 लाख बच्चे कक्षा एक से पांच तक के हैं. शिक्षा महकमे के अफसरों का मानना है कि ये वे […]

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पटना : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के 9.70 लाख विद्यार्थियों के खाते में किताबों को खरीदने के लिए दी जाने वाली राशि नहीं पहुंच पायी है. इनमें सर्वाधिक 6. 49 लाख बच्चे कक्षा एक से पांच तक के हैं.
शिक्षा महकमे के अफसरों का मानना है कि ये वे विद्यार्थी हैं,जो नामांकन लेने के बाद स्कूल नहीं आ रहे. इनमें ऐसे भी विद्यार्थी शामिल हैं, जिनके या उनके अभिभावकों के बैंक खाते नहीं हैं.
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 11 सितंबर तक कक्षा एक से आठ तक के कुल नामांकित बच्चों की संख्या 1.63 करोड़ से अधिक है. इनमें से डेढ़ करोड़ से अधिक विद्यार्थियों के खाते में ही पाठ्य पुस्तक खरीदने का पैसा जमा किया गया है.
इस तरह कुल 94 फीसदी बच्चों के खाते में पैसे भेज दिये गये. मगर, जिन बच्चों के खाते में पैसे डाले गये उनमें 1.04 करोड़ यानि 67प्रतिशत बच्चे ही नयी किताबें खरीद पाये हैं. बाकी 49. 90 लाख (33%)बच्चों को नयी किताबें नहीं मिल सकीं. इसी वजह से उन्होंने पुरानी किताबों से काम चलाया. सरकार छात्रों को किताब की राशि उनके खाते में जमा करती है. इन पैसे से बच्चे बाजार से पाठ्यक्रम के अनुसार किताब की खरीद करते हैं.
कक्षा एक से आठ तक 1.63 करोड़ से अधिक बच्चे
दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि पुस्तक प्रकाशक इतने ही बच्चों तक किताबें पहुंचा सके हैं. शेष बच्चों ने कहीं से पुरानी किताबें खरीदकर अपना काम चलाया. दरअसल इस बार शिक्षा विभाग ने पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निजी प्रकाशकों को टेंडर के जरिये सौंपी है.
इन पुस्तक प्रकाशकों को मांग के अनुरूप किताबें उपलब्ध करानी थीं. इसमें असफलता हाथ लगने के बाद शिक्षा विभाग ने अपने मैदानी अमले के जरिये बच्चों के लिए किताबों का प्रबंधन किया . उन्हें किसी तरह नयी-पुरानी किताबें उपलब्ध करायी गयीं. ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगवाये. फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में नयी किताबों का टोटा ही दिखा.
स्पेशल फैक्ट
– इस वर्ष कक्षा एक से पांच तक के नामांकित बच्चों की संख्या- 1.05 करोड़
– नामांकित बच्चों की संख्या जिनके खाते में राशि हस्तांतरित की गयी- लगभग 98.7 लाख
– नामांकित बच्चों की संख्या जिन्हें नयी किताबें मिलीं 6751997 (68% )
– नामांकित बच्चों की संख्या जिन्हें नयी किताबें नहीं मिलीं- (31 लाख से अधिक ) करीब 32 फीसदी
– कक्षा छह से आठ तक नामांकित बच्चों की संख्या– 58.45 लाख
– नामांकित बच्चों
की संख्या जिनके खाते में राशि जमा की गयी- 55.25 लाख
– नामांकित बच्चों की संख्या जिन्हें नयी किताबें नहीं मिलीं-18.70 लाख
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