पटना : सोलर एनर्जी से रोशन नहीं हो सका पटना विश्वविद्यालय

Updated at : 26 Sep 2019 9:18 AM (IST)
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पटना : सोलर एनर्जी से रोशन नहीं हो सका पटना विश्वविद्यालय

पटना : पटना विश्वविद्यालय सोलर एनर्जी से रोशन होने वाला था लेकिन वह अब तक नहीं हुआ. करीब एक साल से योजना ठंडे बस्ते में हैं. बेल्ट्रान के माध्यम से उक्त योजना को 60 करोड़ रुपये की लागत से विवि में मूर्त रूप दिया जाना था लेकिन यह नहीं हो सका. उक्त योजना के लिए […]

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पटना : पटना विश्वविद्यालय सोलर एनर्जी से रोशन होने वाला था लेकिन वह अब तक नहीं हुआ. करीब एक साल से योजना ठंडे बस्ते में हैं. बेल्ट्रान के माध्यम से उक्त योजना को 60 करोड़ रुपये की लागत से विवि में मूर्त रूप दिया जाना था लेकिन यह नहीं हो सका.
उक्त योजना के लिए सारी कागजी प्रक्रिया पूरी कर जगह भी विवि के द्वारा मुहैया करायी गयी है. इसके तहत विवि मुख्यालय की पूरी छत सोलर एनर्जी पैनल व इक्यूमेंट्स लगाने के लिए दी गयी है.
आधा हो जाता पीयू में बिजली का खर्च : उक्त प्लांट पीयू में लग जाने के बाद विवि में बिजली का खर्च सीधा आधा हो जाता. वर्तमान में जितने में विवि को बिजली के लिए बिल भरना पड़ रहा है अगर यह योजना मूर्त रूप ले लेगी तो आधे कीमत पर विवि को बिजली मिल जायेगी. प्लांट लगाने का खर्च सरकार ही उठा रही है. विवि को सिर्फ बिजली का खर्चा व कुछ अन्य मेंटनेंस खर्च ही देने थे. वहीं 25 वर्ष के बाद विवि को नि:शुल्क बिजली मिलने लगती. लेकिन इस संबंध में अभी विवि में काम भी शुरू नहीं हुआ है.
कॉलेजों में भी अब तक नहीं शुरू हुई योजना : यही हाल कॉलेजों का भी है. वहां भी यह सुविधा दी जानी थी. कॉलेज भी इसके लिए तैयार थे, लेकिन यह सुविधा अब तक कॉलेजों में नहीं लगी है. बीएन कॉलेज के प्राचार्य प्रो राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि हमारे कॉलेज में भी सोलर प्लांट लगाने को लेकर एग्रीमेंट हुआ था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई विशेष प्रगति नहीं है. हमलोग प्री-पेड मीटर से बिजली का प्रयोग कर रहे हैं जो काफी महंगा है.
विश्वविद्यालय ने खुद लगवायीं कई सोलर लाइटें
पटना विश्वविद्यालय में जब नैक की टीम आनी थी तो विवि ने खुद कई सोलर लाइटें लगवायीं थी. क्योंकि नैक में भी सोलर एनर्जी के प्रयोग पर प्वाइंट मिलते हैं.
अगर उक्त प्लांट उसके पहले लग जाता तो नैक में निश्चित ही विवि को और भी अच्छा रैंक आ सकता था. इस संबंध में विवि के रजिस्ट्रार मनोज मिश्र ने कहा कि नैक के दौरान विवि को अपने खर्चे से जगह-जगह सोलर लाइटें लगवानी पड़ीं क्योंकि नैक में यह जरूरी है. अगर यह योजना नैक टीम के आने से पहले पूरी होती तो हमें कुछ और अच्छे प्वाइंट्स जरूर मिलते.
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