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पटना : टूटी बाउंड्री, पीयू कैंपस की सुरक्षा रामभरोसे

Updated at : 16 Sep 2019 8:51 AM (IST)
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पटना : टूटी बाउंड्री, पीयू कैंपस की सुरक्षा रामभरोसे

पटना : पटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा रामभरोसे है. पूरे कैंपस में कोई भी व्यक्ति बड़े आराम से मारपीट करके निकल सकता है. इसमें कोई रोक-टोक नहीं है. उक्त मामले को छात्रों ने कई दफा उठाया, लेकिन विवि प्रशासन औपचारिकता पूरी कर भूल जा रहा है. पटना विश्वविद्यालय व कॉलेजों के पास संसाधन की भारी कमी […]

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पटना : पटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा रामभरोसे है. पूरे कैंपस में कोई भी व्यक्ति बड़े आराम से मारपीट करके निकल सकता है. इसमें कोई रोक-टोक नहीं है. उक्त मामले को छात्रों ने कई दफा उठाया, लेकिन विवि प्रशासन औपचारिकता पूरी कर भूल जा रहा है. पटना विश्वविद्यालय व कॉलेजों के पास संसाधन की भारी कमी होना सुरक्षा व्यवस्था की चूक का बड़ा कारण है. विवि की ज्यादातर बाउंड्री या तो छोटी है या फिर टूटी हुई है. विवि के पास इसे ठीक कराने के लिए जो फंड चाहिए वह नहीं है. कॉलेज चलाने का भी फंड नहीं है. अधिकारी मेंटेनेंस या निर्माण के नाम पर हाथ खड़े कर देते हैं.
बड़ी संख्या में गार्ड की प्रतिनियुक्त के लिए हर महीने अच्छी खासी राशि चाहिए. विवि अकेले हर कॉलेज में व्यवस्था नहीं कर सकती. कॉलेज तो वोकेशनल कोर्स के सहारे चल रही है. प्रतिदिन चॉक व डस्टर तक की कंटीजेंसी के लिए उसे सोचना पड़ता है. कॉलेज के एडमिशन फॉर्म की फीस से यह सारे खर्चे चलते हैं.
विवि प्रशासन, कॉलेज प्रशासन और पुलिस प्रशासन तीनों अपने-अपने मोर्चे पर फेल हैं. परीक्षा में नकल या मारपीट से लेकर हाॅस्टलों या क्लासरूम मारपीट मामले की जानकारी सबको होती है, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में आज तक किसी भी छात्र को रेस्टीकेट या कड़ी सजा नहीं मिली है. पुलिस प्रशासन का तो उनसे भी बुरा हाल है.
कॉलेज-विवि इसे लॉ एंड ऑर्डर का मामला कह पल्ला झाड़ लेती है. पुलिस वाले एकेडमिक अनुशासन का मामला और कार्रवाई में विवि व कॉलेज का सहयोग नहीं मिलने की बात कहके पल्ला झाड़ लेते हैं. एफआइआर को कैंपस में छात्रों का मामला कह पुलिस उसे हल्के में लेती है और ठोस कार्रवाई नहीं करती.
पटना. पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज के नूतन छात्रावास को विवि के इंजीनियर्स ने रहने लायक अयोग्य करार दे दिया गया है
हॉस्टल काफी जर्जर हो चुका है और छात्रों को हॉस्टल खाली कर मिंटो और जैक्सन हॉस्टल में आवंटन कराने का कॉलेज प्रशासन के द्वारा नोटिस भी जारी कर दिया गया है. दोनों हॉस्टलों में नूतन के छात्रों को कमरे एलॉट कर दिये जायेंगे. मिंटो और जैक्सन में भी हाल में मरम्मती का काम हुआ है और यह हॉस्टल रहने के लिए बिल्कुल उपयुक्त है. छात्रों से 18 सितंबर तक कॉलेज काउंटर पर इसके लिए आवेदन देने को कहा गया है.
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