पटना : डीजल अनुदान के आवेदन के 25 दिनों के भीतर भुगतान

Updated at : 16 Sep 2019 8:37 AM (IST)
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पटना : डीजल अनुदान के आवेदन के 25 दिनों के भीतर भुगतान

पटना : सूखा व बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में खेतों की सिंचाई के लिए मिलने वाले डीजल अनुदान को आवेदन के बाद 25 दिनों के भीतर भुगतान किया जायेगा. रविवार को इसकी जानकारी कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने दी. उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में गिरावट नहीं हो, इसके लिए अनुदान प्रक्रिया को ऑनलाइन के माध्यम […]

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पटना : सूखा व बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में खेतों की सिंचाई के लिए मिलने वाले डीजल अनुदान को आवेदन के बाद 25 दिनों के भीतर भुगतान किया जायेगा. रविवार को इसकी जानकारी कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने दी. उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में गिरावट नहीं हो, इसके लिए अनुदान प्रक्रिया को ऑनलाइन के माध्यम से सरल बनाया गया है. अब तक राज्य के 8.56 किसानों ने खरीफ में डीजल अनुदान के लिए आवेदन किया है. जिनमें से विभिन्न स्तरों पर आवेदन की जांच के बाद 68.47 हजार आवेदन को संबंधित बैंक को राशि भुगतान के लिए भेज दिया गया है. अब तक 8.51 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भुगतान किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि एक एकड़ क्षेत्र में एक सिंचाई के लिए 10 लीटर डीजल खपत अनुमान के अनुसार प्रति एकड़ प्रति सिंचाई की दर से अनुदान तय किया गया. एक किसान को धान का बिचड़ा बचाने एवं जूट फसल की दो सिंचाई के प्रति एकड़ की दर से तथा धान, मक्का, अन्य खरीफ फसलें, दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे के लिए एक ही खेत के लिए अधिकतम तीन सिंचाई के लिए प्रति एकड़ की दर से डीजल पर अनुदान का भुगतान होगा.
पटना : लेयर मुर्गी फार्म खोलने पर 40 फीसदी तक अनुदान
पटना : राज्य के पशुपालन व मत्स्य विभाग की ओर से प्रदेश में अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए लेयर मुर्गी फार्म योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के तहत विभाग दस हजार व पांच हजार मुर्गियों की क्षमता वाले फार्म खोलने पर योजना राशि का 30 से 40 फीसदी तक अनुदान दिया जायेगा.
रविवार को इसकी जानकारी पशुपालन व मत्स्य विभाग के मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने प्रेस िवज्ञप्ति जारी कर दी. बताया गया कि सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए दस हजार की क्षमता व 85 लाख की लागत से शुरू होने वाले मुर्गी फार्म के लिए अनुदान राशि 30 फीसदी और अधिकतम 25 लाख तक का अनुदान दिया जायेगा. इसके लिए 100 डिसमिल भूमि की जरूरत होगी.
जबकि, एससी व एसटी के लिए इतनी ही क्षमता वाले मुर्गी फार्म के लिए अनुदान राशि 40 फीसदी व अधिकतम 34 लाख रुपये का अनुदान निर्धारित किया गया है. उसी प्रकार सामान्य वर्ग के लिए पांच हजार की क्षमता वाले लेयर मुर्गी फार्म के लिए अनुदान राशि 30 फीसदी या अधिकतम 14.55 लाख रुपये निर्धारित की गयी है. इसके लिए 50 डिसमिल भूमि की जरूरत होगी. जबकि जबकि एससी व एसटी वर्ग के लिए पांच हजार क्षमता वाले लेयर मुर्गी फार्म के लिए 40 फीसदी अनुदान व अधिकतम 19.40 लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा.
गौरतलब है कि पशु पालन विभाग की ओर से अनुसूचित जातियों व जनजातियों के लिए विशेष बॉयलर मुर्गी फार्मिग की योजना की शुरुआत होनी है. इस योजना का गया समेत चार जिलों में किया जाना है. प्रत्येक जिले में 75 लाभुकों को एक वर्ष में चार चरणों में कुल छह सौ बॉयलर चूजा यानी प्रत्येक चरण में 150 बॉयलर चूजा पालने के लिए अनुदान मिलेगा.
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