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पटना : शिक्षकों के लिए कुछ करेंगे तो हम ही, बहकावे में नहीं आएं

Updated at : 06 Sep 2019 8:10 AM (IST)
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पटना : शिक्षकों के लिए कुछ करेंगे तो हम ही, बहकावे में नहीं आएं

नियोजित शिक्षकों से सीएम की अपील, कहा पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों से अपील की कि वह छात्रों को निष्ठापूर्वक पढ़ाएं, किसी के बहकावे में नहीं आएं. उनके लिए कुछ करेंगे तो हम ही करेंगे. गुरुवार को एसके मेमोरियल सभागार में शिक्षक दिवस पर आयोजित सरकारी समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि […]

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नियोजित शिक्षकों से सीएम की अपील, कहा
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों से अपील की कि वह छात्रों को निष्ठापूर्वक पढ़ाएं, किसी के बहकावे में नहीं आएं. उनके लिए कुछ करेंगे तो हम ही करेंगे. गुरुवार को एसके मेमोरियल सभागार में शिक्षक दिवस पर आयोजित सरकारी समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है. नियाेजित शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में बड़े-बड़े वकील रखे थे, लेकिन याचिका खारिज हो गयी.
वे मांग करें, खिलाफ में नारे लगाएं, इससे तकलीफ नहीं है. अच्छा काम करने पर भी आलोचना होती है. हम इसकी चिंता नहीं करते, काम करते हैं. समारोह में उन्होंने ‘बांका उन्नयन बिहार कार्यक्रम (स्मार्ट क्लास)’ की शुरुआत की. बेहतर प्रदर्शन करने वाले 20 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से सम्मानित भी किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोशाक, साइकिल, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सहित अन्य योजनाओं से फायदा हुआ है. मैट्रिक में लड़के और लड़कियों की संख्या बराबर हो गयी है. स्कूल ड्रॉप आउट रेट एक फीसदी से भी कम रह गया है. अप्रैल, 2020 से सभी पंचायतों में नौवीं की पढ़ाई शुरू होगी. सभी जिलों में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, आइटीआइ की पढ़ाई शुरू हो गयी है. मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग की पढ़ाई शुरू हो गयी है.
ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन, पटना के आयुक्त आनंद किशोर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
शिक्षकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे कहां थे और हमने कहां पहुंचाया
मुख्यमंत्री ने नियोजित शिक्षकों से कहा कि उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे कहां थे और धीरे-धीरे कहां पहुंचाया. उन्होंने कहा कि 2003 से 2006 के बीच शिक्षा मित्रों को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे. पंचायती राज संस्थाओं को अधिकार देकर 2006 में बड़ी संख्या में शिक्षकों का नियोजन करवाया. अप्रशिक्षितों को चार हजार और प्रशिक्षितों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मिलने लगे. 2015 में वेतनमान निर्धारित हुआ. 2016-2017 में सातवें वेतन आयोग की सभी सुविधाएं शिक्षकों को मिलने संबंधी व्यवस्था की
शिक्षकों के पक्ष में बोलने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने उन्हें अयोग्य बताया था
विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के पक्ष में बोलने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने 2008 में उन्हें अयोग्य बताया था. ऐसे लोगों ने बयान दिया था कि तीन साल में प्राथमिक शिक्षण संस्थानों में अयोग्य शिक्षकों का नियोजन कर शिक्षा व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया.
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