फुलवारीशरीफ : डेयरी में उत्पादों की बढ़ी डिमांड, बेरोजगारी दूर करने में सहायक

Updated at : 04 Sep 2019 6:03 AM (IST)
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फुलवारीशरीफ : डेयरी में उत्पादों की बढ़ी डिमांड, बेरोजगारी दूर करने में सहायक

दो दिवसीय कार्यशाला में बोले बिहार पशु विज्ञान विवि के कुलपति फुलवारीशरीफ : बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादों की बढ़ती मांग राज्य से बेरोजगारी दूर करने में सहायक सिद्ध हो रही है. इस क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है. प्रसंस्करण सेक्टर […]

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दो दिवसीय कार्यशाला में बोले बिहार पशु विज्ञान विवि के कुलपति
फुलवारीशरीफ : बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादों की बढ़ती मांग राज्य से बेरोजगारी दूर करने में सहायक सिद्ध हो रही है. इस क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है.
प्रसंस्करण सेक्टर में भारी मात्रा में मैन पावर की आवश्यकता है, लोजिस्टिक चेन, सप्लाइ चेन, पैकेजिंग चैन, डिस्ट्रीब्यूशन चेन इसके कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें कुशल लोगों की मांग है. डॉ सिंह मंगलवार को डेयरी प्रसंस्करण के आधुनिकीकरण और संभावना पर दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे.
कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्था की ओर से किया गया था. कार्यशाला में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक डॉ एसके कनवजिया ने कहा कि इस क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की जरूरत है. इससे पहले संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्था के डीन बलबीर सिंह बेनीवाल ने कहा कि यह कार्यशाला डेयरी के क्षेत्र में कार्य करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवा उद्यमियों के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी.
निदेशक अनुसंधान डॉ रवींद्र कुमार ने कहा कि इस आयोजन से इस क्षेत्र के विकास से जुड़े काफी महत्वपूर्ण सुझाव निकलकर सामने आयेंगे.
कई िवषयांे पर हुआ व्याख्यान
दो दिवसीय इस कार्यशाला के पहले दिन संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्था के डीन बलवीर सिंह बेनीवाल द्वारा भारत में डेयरी प्रसंस्करण की संभावनाएं और भविष्य, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के वैज्ञानिक डॉ एसके कनवजिया द्वारा पनीर बनाने में तकनीकी प्रगति, राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ सीताराम प्रसाद द्वारा संशोधित दूध के विकास, नालंदा डेयरी प्रोजेक्ट के सीनियर मैनेजर द्वारा दूध में यूएचटी प्रसंस्करण में प्रगति और पशु और मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की डेयरी टेक्नोलॉजी हेड डॉ आनंदिता द्वारा गर्मी में और एसिड जमे हुए उत्पादों के तकनीकी विकास जैसे विषयों पर व्याख्यान दिया गया.कार्यशाला में संयोजक डॉ संजीव कुमार भी थे.
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