सोमवार को रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, 37.5 डिग्री रहा तापमान, बिहार को करना होगा अच्छी बारिश का इंतजार
Updated at : 03 Sep 2019 6:12 AM (IST)
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पटना : पटना में सोमवार को रिकाॅर्ड तोड़ गर्मी पड़ी. दो सितंबर को पटना शहर का उच्चतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वर्ष 2007 से लेकर 2018 के बीच सितंबर माह में केवल एक बार वर्ष 2015 में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा था. न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री […]
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पटना : पटना में सोमवार को रिकाॅर्ड तोड़ गर्मी पड़ी. दो सितंबर को पटना शहर का उच्चतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वर्ष 2007 से लेकर 2018 के बीच सितंबर माह में केवल एक बार वर्ष 2015 में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा था. न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा.
यह तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा. इसी भीषण गर्मी के मद्देनजर शहर में करीब तीन बजे के आसपास हल्की बारिश भी हुई. समुचित नमी के साथ बढ़े हुए तापमान के चलते ये मौसमी दशा पैदा की थी. हालांकि कुछ समय के लिए शहर को गर्मी से कुछ राहत मिली. हालांकि शाम को तापमान एक बार फिर बढ़ गया. आइएमडी पटना के मुताबिक मंगलवार को भी तापमान बढ़ा हुआ रहने का पूर्वानुमान है. इस वजह से प्रदेश के कई जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है.
पटना का तापमान बिहार में सर्वाधिक रहा. गया का 34.8, भागलपुर का 37.4 और पूूर्णिया का 36. 5 डिग्री सेल्सियस रहा. गौरतलब है कि एक सितंबर रविवार को भागलपुर प्रदेश में सर्वाधिक गर्म शहर दर्ज किया गया था. रविवार को भागलपुर का उच्चतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
उल्लेखनीय है कि बिहार में अभी कोई मानसून सिस्टम काम नहीं कर रहा है. अभी ट्रफ लाइन बिहार से काफी दूर है. बंगाल की खाड़ी में कम दाब का केंद्र अभी गंभीर स्थिति में नहीं है. लिहाजा बिहार को अभी अच्छी बारिश का इंतजार करना होगा.
पटना के घाटों पर खतरे के निशान से नीचे बह रही गंगा
पटना : पटना के गंगा घाटों पर अगले चौबीस घंटे तक जल स्तर में इजाफे की संभावना बनी हुई है. हालांकि पटना के गांधी घाट पर गंगा अभी भी खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर से अधिक नीचे है.
सोमवार को गांधी घाट का जल स्तर 48.3 मीटर रहा. अभी इसके बढ़ने का ट्रेंड है. वाराणसी और प्रयाग में जल स्तर सोमवार शाम से घटने लगा है. बेशक पटना में गंगा घाटों पर जल स्तर खतरे के निशान से काफी कम है.
इसके बावजूद केंद्रीय भू जल और जल संसाधन विभाग पूरे सितंबर तक अलर्ट पर रहेगा. इसके पीछे 1975 में अक्टूबर माह में आयी बाढ़ है. पिछले साल 14 सितंबर को गांधी घाट पर 49.8 मीटर रहा था. हालांकि अभी जल स्तर कम है,लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के अप स्ट्रीम में बारिश के आसार बने हुए हैं.
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