पटना : आवासीय कॉलोनी में वाटर बॉटलिंग प्लांट, भूजल गिरा

Updated at : 29 Aug 2019 9:23 AM (IST)
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पटना : आवासीय कॉलोनी में वाटर बॉटलिंग प्लांट, भूजल गिरा

पटना : दानापुर नगर पर्षद क्षेत्र में स्थित गोला रोड और इससे सटे मुहल्ले रामजयपाल नगर की मीनाक्षी सोसाइटी को 20 वर्ष पहले आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित किया गया था. लेकिन, कॉलोनी में पिछले 12 वर्षों से अवैध तरीके से वाटर बॉटलिंग प्लांट संचालित की जा रही है. इससे मुहल्ले का जल स्तर […]

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पटना : दानापुर नगर पर्षद क्षेत्र में स्थित गोला रोड और इससे सटे मुहल्ले रामजयपाल नगर की मीनाक्षी सोसाइटी को 20 वर्ष पहले आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित किया गया था. लेकिन, कॉलोनी में पिछले 12 वर्षों से अवैध तरीके से वाटर बॉटलिंग प्लांट संचालित की जा रही है.
इससे मुहल्ले का जल स्तर काफी नीचे चला गया है. स्थिति यह है कि दो हजार लीटर की पानी टंकी जाे पहले 10 से 15 मिनट में फुल हो जाती था, अब दो से ढाई घंटे में फुल हो रही है. परेशान स्थानीय लोग नगर पर्षद के अधिकारी से लेकर एसएसपी, स्थानीय थाना, डीएसपी व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से शिकायत कर चुके हैं. लेकिन, शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जा रही है और दिन-रात वाटर बॉटलिंग का कार्य किया जा रहा है.
निजी बोरिंग ही पानी का एकमात्र सहारा : रामजयपाल नगर के मीनाक्षी सोसाइटी व आसपास में सैकड़ों की संख्या में मकान बने हैं और कॉलोनी की आबादी हजारों में है.
लेकिन, नगर पर्षद की ओर से सप्लाइ पानी की व्यवस्था नहीं की गयी है. स्थिति यह है कि मुहल्ले में रहने वाले लोग पानी के लिए निजी बोरिंग लगाने पर विवश हैं. लेकिन, वाटर बॉटलिंग प्लांट की वजह से निजी बोरिंग भी हांफ रहा है और क्षमता के अनुरूप पानी नहीं दे रहा है. इससे काफी परेशानी बढ़ गयी है.
तीन से चार गुना बढ़ गया बिजली बिल: मुहल्ले में रहने वाले लोगों की बिजली बिल तीन से चार गुना बढ़ गया है. इसकी वजह है कि मुहल्ले का जल स्तर नीचे चले जाने से क्षमता के अनुरूप बोरिंग से पानी नहीं आता है.
स्थिति यह है कि दो-दो घंटे मोटर चलाना पड़ता है, जिससे डेढ़ व दो हजार लीटर का पानी टंकी फुल होता है. इसका प्रभाव बिजली बिल पर भी पड़ता है. स्थानीय निवासी बताते है कि पहले तीन हजार बिजली बिल आता था, जो अब 12 हजार रुपये तक आ रहा है.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
20 वर्ष पहले मुहल्ले में घर बनाएं. तब 185 फुट पर बेहतर जल स्तर मिला. लेकिन, पिछले पांच वर्षों से जल स्तर काफी नीचे चला गया है. इसकी वजह है कि मुहल्ले में बॉटलिंग प्लांट संचालित हो रहा है.
रमण कुमार, वरुण कॉलोनी
प्लांट संचालक व मुहल्ले में रहने वाले लोगों के बीच प्लांट बंद करने को लेकर विवाद भी हुआ है. शुरुआती दिनों में एक बोरिंग लगायी गयी थी. अब चार बोरिंग दिन-रात चल रही है. जल स्तर काफी नीचे चला गया है.
अभिषेक राज, रामजयपाल नगर
बोरिंग क्षमता के अनुरूप पानी नहीं दे रहा है. यह समस्या पिछले एक साल से बढ़ी है. दो हजार लीटर पानी टंकी भरने के लिए दो घंटे मोटर चलाना पड़ता है. दिन-रात प्लांट चलने से घर में रहना मुश्किल हो गया है.
अजय कुमार, रामजयपाल नगर
अधिकारी ने कहा
अवैध तरीके से संचालित वाटर बॉटलिंग प्लांट का सर्वे किया जा रहा है. दानापुर नगर पर्षद क्षेत्र के मीनाक्षी सोसाइटी में चल रहे प्लांट का एनओसी नहीं लिया गया है. अगले कुछ दिनों में स्पष्टीकरण पूछ कर आगे की कार्रवाई करेंगे.
आलोक कुमार, सदस्य सचिव, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद
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