पटना :मरीजों को नहीं मिल पा रही सुपर स्पेशियलिटी सुविधा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Aug 2019 9:18 AM (IST)
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेजों का अभाव सात निश्चय योजना में पांच मेडिकल कॉलेजों में एक का भी नहीं हुआ शिलान्यास पटना : राज्य में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या नहीं बढ़ने के कारण मरीजों को मिलनेवाली सुपर स्पेशियलिटी सेवा का विस्तार नहीं हो रहा है. इस वजह से एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि […]
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेजों का अभाव
सात निश्चय योजना में पांच मेडिकल कॉलेजों में एक का भी नहीं हुआ शिलान्यास
पटना : राज्य में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या नहीं बढ़ने के कारण मरीजों को मिलनेवाली सुपर स्पेशियलिटी सेवा का विस्तार नहीं हो रहा है.
इस वजह से एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि नहीं हो रही है. सरकार की सात निश्चय योजना के तहत राज्य में पांच नये मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, नौ बीएससी नर्सिंग कॉलेजों, 31 जिलों में जीएनएम स्कूलों और 79 अनुमंडलों में एएनएम स्कूलों की स्थापना की जानी है.
निश्चय योजना के तहत अन्य सभी योजनाएं अब पूर्ण होनेवाली है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की एक भी योजना का अभी तक शिलान्यास भी नहीं हुआ है. राज्य की जनसंख्या के अनुपात में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि के लिए सूबे में 21 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की आवश्यकता है. वर्तमान में नौ मेडिकल कॉलेज अस्पताल सरकारी क्षेत्र में है. सरकारी क्षेत्र में मुख्यमंत्री निश्चय योजना के पांच सहित कुल 11 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्थापना की जानी है.
सात निश्चिय योजना के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल आरा, सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल महुआ (वैशाली), सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेगूसराय, सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल मधुबनी और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल सीतामढ़ी शामिल हैं.
वैशाली और बेगूसराय मेडिकल काॅलेजों के लिए टेंडर हुआ जारी
राज्य स्तर पर जून में की गयी समीक्षा में पाया गया कि महुआ वैशाली मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गयी है. इसके निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है. इसी तरह से 515 करोड़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल,बेगूसराय का भी टेंडर जारी किया जा चुका है. अब तक 400 करोड़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भोजपुर (आरा) की जमीन उपलब्ध नहीं है.
इसी तरह से सीतामढ़ी और मधुबनी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जानी है. इसके अलावा राज्य में सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का निर्माण जमुई, बक्सर, सीवान, पूर्णिया, छपरा, समस्तीपुर में भी कराया जाना है. राज्य में निजी क्षेत्र में तीन मेडिकल कॉलेज संचालित किये जा रहे हैं. इसमें नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सासाराम, कटिहार मेडिकल कॉलेज कटिहार और माता गुजरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल किशनगंज शामिल हैं.
इस सत्र में राज्य में दो अन्य निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों मधुबनी और सहरसा को एमसीआइ द्वारा मान्यता दी गयी है. बिहार में पांच नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बेहतर होगी. साथ ही राज्य में चिकित्सकों की संख्या में भी वृद्धि होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










