पटना : 3000 मरीज बिना इलाज लौटे, 12 ऑपरेशन टले
Updated at : 02 Aug 2019 9:25 AM (IST)
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हड़ताल का असर. आइजीआइएमएस के मुख्य द्वार व रजिस्ट्रेशन काउंटर में जड़ा ताला पटना : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के गठन के विरोध में आइजीआइएमएस के जूनियर डॉक्टर व एमबीबीएस स्टूडेंट्स गुरुवार को भी हड़ताल पर रहे. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट्स नेटवर्क व रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान […]
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हड़ताल का असर. आइजीआइएमएस के मुख्य द्वार व रजिस्ट्रेशन काउंटर में जड़ा ताला
पटना : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के गठन के विरोध में आइजीआइएमएस के जूनियर डॉक्टर व एमबीबीएस स्टूडेंट्स गुरुवार को भी हड़ताल पर रहे. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट्स नेटवर्क व रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर बुलाये गये इस हड़ताल के समर्थन में डॉक्टरों ने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर और मेन गेट बंद करा दिया. इस कारण एक भी मरीज की पर्ची नहीं कट पायी. पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे आदि सभी प्रभावित रहे. जूनियर डॉक्टर व स्टूडेंट्स के समर्थन में आइएमए के वरीय अधिकारी भी थे. सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक हड़तालियों ने जम कर हंगामा किया. इसके बाद छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गये.
तीन हजार मरीज बिना इलाज लौटे
हड़ताल के दौरान ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गयीं और रजिस्ट्रेशन काउंटर का ताला जड़ दिया गया था. ओपीडी में बैठे सीनियर डॉक्टर उन्हीं मरीजों का इलाज कर रहे थे, जो पुरानी पर्ची लेकर आये थे या फिर जिन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था. नया रजिस्ट्रेशन नहीं होने से करीब तीन हजार से अधिक मरीज बिना इलाज के लौट गये. डॉक्टरों ने रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी लैब को बंद करा दिया. इससे जांच पूरी तरह से प्रभावित हो गयी.
एनेस्थीसिया देने में खड़े
किये हाथ, 12 ऑपरेशन टले : रूटीन ऑपरेशन भी टालने पड़े. नेत्र रोग विभाग में पूरे ऑपरेशन किये गये, लेकिन गैस्ट्रो सर्जरी, इएनटी, शिशु रोग, डेंटल और कैंसर आदि विभागों में आधे-अधूरे ऑपरेशन किये गये. इन विभाग में मरीजों को एनेस्थीसिया देने वाले सीनियर डॉक्टर ही काम कर रहे थे. लोड बढ़ने से डॉक्टरों ने एनेस्थीसिया देने में हाथ खड़े कर दिये. नतीजा 12 छोटे-बड़े ऑपरेशन टाल दिये गये. हालांकि सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी में 20 ऑपरेशन किये गये. ऑपरेशन थियेटर के सामने भी हड़ताली डॉक्टर हंगामा कर रहे थे.
पीएमसीएच में मरीजों की भीड़ आइजीआइएमएस से
पलायन हुए मरीज पीएमसीएच इलाज कराने पहुंचे. ऐसे में पीएमसीएच में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी. यहां बता दें कि 31 जुलाई को पीएमसीएच में हड़ताल की वजह से पूरी रात मरीज दर्द से कराहते रहे. मरीज के परिजनों ने बताया कि वार्ड में सीनियर डॉक्टर राउंड तक नहीं लगाने आये. नर्स भी मरीजों की फरियाद नहीं सुन रही थीं. सुबह छह बजे के बाद जब डॉक्टर आये, तो मरीजों की पीड़ा कम हुई.
सड़क को किया जाम
हड़ताली डॉक्टरों ने ओपीडी रजिस्ट्रेशन के अलावा मेन गेट भी बंद कर दिया. इससे सड़क पर जाम लग गया. गाड़ियों का आना-जाना करीब एक घंटे तक बंद रहा. बाद में सुरक्षा कर्मियों ने गेट खोला, तो परिसर में आवागमन शुरू हुआ.
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