साइबर अपराधों के आइओ को एनपीसीआइ देगा जानकारी
Updated at : 20 Jul 2019 4:06 AM (IST)
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पटना : आॅनलाइन ठगी करने वालों को पकड़ने के लिए इओयू के अनुसंधान पदाधिकारी को बैंक ट्रांजेंक्शन का ब्यौरा लेने लिए एक बैंक से दूसरे बैंक तक दौड़ नहीं लगानी होगी. नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) ने आॅनलाइन फ्रॉड के मामलों से जुड़ा डाटा सीधे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. अभी अनुसंधान पदाधिकारी […]
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पटना : आॅनलाइन ठगी करने वालों को पकड़ने के लिए इओयू के अनुसंधान पदाधिकारी को बैंक ट्रांजेंक्शन का ब्यौरा लेने लिए एक बैंक से दूसरे बैंक तक दौड़ नहीं लगानी होगी. नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) ने आॅनलाइन फ्रॉड के मामलों से जुड़ा डाटा सीधे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. अभी अनुसंधान पदाधिकारी को बैंक से ब्योरा जुटाने में ही महीनों लग जाते हैं.
एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए पूरे राज्य में डिजिटल बैंकिंग पर कार्यशाला करने का निर्णय लिया गया है. एडीजी जेएस गंगवार ने बताया कि इआेयू 10 इंटर बैंक केस की जांच कर रहा है.
साइबर अपराध विशेषकर बैंक खाताधारकों के साथ आॅनलाइन ठगी के मामलों को रोकने और अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए शुक्रवार को बिहार में पहली बार एनपीसीआइ के पदाधिकारियों ने आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार, डीआइजी शिव कुमार झा, एएसपी विश्वजीत दयाल, साइबर एक्सपर्ट डीएसपी सागर व सभी अनुसंधान पदाधिकारियों के साथ सूचनाएं साझा कीं.
एनपीसीआइ के रिस्क मैनेजमेंट पदाधिकारी भारत पंचाल ने बताया कि इओयू उनसे सीधे ब्योरा ले सकती है. बताया गया कि एटीएम से पैसा निकालते समय हाथ से ढंककर पिन कोड डालें. प्रतिदिन एटीएम ये तीन करोड़, यूपीआइ से आठ करोड़, इमीडेट मोबाइल पेमेंट सिस्टम से ढाई करोड़ यूजर ट्रांजक्शन होते हैं. फेसबुक, वॉट्सएप और इंस्ट्राग्राम आदि सोशल साइट्स के जरिये भी अपराधी डाटा चोरी कर रहे हैं.
सलाह दी कि किसी अंजान मेल, एसएमएस अथवा संदेश पर क्लिक नहीं करें. जिस व्यक्ति को आप सीधे नहीं जानते उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एसेप्ट नहीं करें भले ही वह आपके दोस्त की फ्रेंड लिस्ट में शामिल हो. इसी दौरान एडीजी के मोबाइल पर एक फ्रॉड कॉल आया जिसे जांच के लिए टीम काे दिया.
बिना वर्दी में दिखे तो होगी कार्रवाई
पटना. राज्य के किसी भी पुलिस कार्यालय में बिना वर्दी में दिखने वाले पुलिस कर्मियों और पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. इस अनुशासनहीनता को सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जायेगा. एडीजी विधि एवं कानून व्यवस्था मुख्यालय अमित कुमार ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है.
अमित कुमार के पास मुख्यालय का भी अतिरिक्त प्रभार है. एडीजी मुख्यालय ने इस बात पर नाराजगी प्रकट की है कि पुलिस के अंचल कार्यालय से लेकर पुलिस मुख्यालय में विभिन्न कार्यालय और इकाइयों में तैनात पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं आ रहे हैं. इससे पुलिस का अनुशासन कमजोर हो रहा है.
आदेश दिया है कि सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के कर्मी एवं पदाधिकारी सभी कार्य दिवस में वर्दी में रहेंगे. इस आदेश का पालन कराना कार्यालय के प्रधान की जिम्मेदारी होगी. सभी एडीजी, आइजी, डीआइजी, एसएसपी अौर एसपी को इस पर अमल कराने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है.
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