पटना : बेऊर जेल ब्रेक की साजिश नाकाम, मेन गेट पर बम पटक कर भागने की बनायी थी योजना
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Jul 2019 8:56 AM (IST)
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पटना : पटना के बेऊर जेल ब्रेक की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. जेल के मुख्य गेट पर ताबड़तोड़ बम से हमला कर जेल में बंद दुर्दांत बांग्लादेशी आतंकियों व नक्सली अजय कानू को भगाने की गृह विभाग और आइबी के इनपुट के बाद गुरुवार को बेऊर जेल पूरे दिन हाइ अलर्ट […]
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पटना : पटना के बेऊर जेल ब्रेक की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. जेल के मुख्य गेट पर ताबड़तोड़ बम से हमला कर जेल में बंद दुर्दांत बांग्लादेशी आतंकियों व नक्सली अजय कानू को भगाने की गृह विभाग और आइबी के इनपुट के बाद गुरुवार को बेऊर जेल पूरे दिन हाइ अलर्ट पर रहा. गुरुवार की सुबह डीआइजी राजेश कुमार, डीएम कुमार रवि व एसएसपी गरिमा मलिक ने जेल के अंदर तलाशी ली.
इसमें गंगा वार्ड के सामने दो मोबाइल और दो टूटे हुए सिमकार्ड बरामद किये गये. पुलिस ने रीतलाल समेत सभी हार्डकोर क्रिमिनल के वार्ड को विधिवत चेक किया. इसके बाद दिन में करीब 11 बजे डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय व गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने भी करीब दो घंटे तक बेऊर जेल परिसर का जायजा लिया.
मामले में बेऊर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. गृह विभाग ने डीएम-एसपी को बेऊर जेल की सुरक्षा पर नजर रखने के साथ ही जेल प्रशासन को अंदर और पुलिस को जेल के बाहरी क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग के आदेश दिये हैं. जेल की सुरक्षा को लेकर बीएमपी और स्वात का दस्ता तैनात कर दिया गया है.
जहानाबाद जेलब्रेक में भागा अजय कानू बेऊर में है बंद : बेऊर जेल में इस समय 3600 कैदी बंद हैं. इनमें गांधी मैदान सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी 10 आतंकवादी, इसी साल पकड़े गये बांग्लादेशी आतंकवादी व अजयकानू सहित कई कुख्यात नक्सली शामिल हैं. बड़ी बात यह है कि नवंबर 2005 में अजय कानू और उसके साथियों को भगाने के लिए जहानाबाद जेलब्रेक कांड को अंजाम दिया गया था. अजय अपने साथियों को लेकर भागा भी था.
बाद में एसटीएफ ने उसे झारखंड में रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया था. तभी से वह पटना के बेऊर जेल में बंद है. यह माना जा रहा है कि इस बार भी अजय कानू के गुर्गों ने साजिश रची. हालांकि इनपुट किसे छुड़ाने का था, जेल ब्रेक की साजिशकर्ता कौन है, ऐसे किसी भी सवाल का जवाब देने से गृह और पुलिस के अधिकारियों बचते रहे.
यूपी के संभल से जुड़ा है कनेक्शन
बेऊर जेलब्रेक होने से पहले ही गृह विभाग को जानकारी मिल गयी और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और मुस्तैदी को बढ़ा दिया. लेकिन इस घटना को लेकर जेल सूत्रों का कहना है कि यूपी के संभल में हुई वारदात से इसका कनेक्शन है. क्योंकि यूपी के भी कई अपराधी बेऊर जेल में बंद हैं. जिस तरह से संभल में सिपाही की हत्या करके कैदी भागे हैं, उसी तरह बेऊर जेल में बम से बड़ा हमला करके जेलब्रेक कराने की प्लानिंग की थी.
महिला आयोग की टीम भी पहुंची
बेऊर जेलब्रेक की साजिश को लेकर किसी महिला कैदी की भूमिका की बात भले ही सामने नहीं आयी हो, लेकिन महिला आयोग की अध्यक्ष अपनी टीम के साथ गुरुवार की सुबह बेऊर जेल में पहुंची थी. हालांकि जेलर त्रिभुवन सिंह ने इसे रूटीन चेकिंग बताया है. उनका कहना था कि महिला आयोग की टीम जेल में आती रहती है.
जेल के अंदर कड़ी निगारानी रखी जा रही है. वाॅच टॉवर से निगरानी होती ही है अब अंदर पेट्रोलिंग जारी है. सब पर नजर रखी जा रही है. हर तरह से चौकसी बरती जा रही है. मोबाइल बरामद होने के संबंध में जांच की जा रही है.
त्रिभुवन सिंह जेलर, बेऊर जेल
करीब बसी कॉलोनियों पर नजर
फुलवारीशरीफ : जेल मोड़ के साथ ही जेल के आस पास के इलाके में बसी कोलोनियों पर भी पुलिस की पैनी नजर है. जेल परिसर के दो तरफ सघन आबादी है. नयी कालोनियां बसी हुई हैं. इन कालोनियों में जेल में बंद कईकुख्यात बंदियों के परिवार के लोगों का भी आशियाना है. पुलिस जेल के रास्ते आने जाने वाले हर वाहनों और लोगों की सघन जांच कर रही है.
बांग्लादेशी आतंकवादी समेत कई हैं हार्डकोर क्रिमिनल
लोकसभा चुनाव से पहले पकड़े गये बांग्लादेशी आतंकवादियों के साथ ही कई बड़े व कुख्यात नक्सली और अपराधी कैद हैं. जिनमें इम्तियाज अंसारी, अजय कानू के साथ-साथ फिरोज आलम जैसे अपराधी शामिल हैं. बिहार पुलिस को आईबी से अलर्ट किया गया था की इन्हें कैद से छुड़ाने के लिए बड़े लेवल पर जेल ब्रेक की साजिश रची जा सकती है.
क्या कहते हैं…
बेऊर जेल अधीक्षक जवाहर लाल ने बताया की आला अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा में अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है. बेऊर जेल के आसपास स्पेशल पुलिस भी तैनात किये गये हैं.इसमें सादे लिबास मेंपुलिस के अधिकारी और जवान लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं. सभी की मूवमेंट और एक्टिविटी पर ध्यान दिया जा रहा है.
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