मोकामा : पंडारक में कॉन्ट्रैक्ट किलर के टारगेट पर था कुख्यात भोला

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मोकामा : पंडारक थाना क्षेत्र में कुख्यात भोला सिंह व उसके भाई मुकेश सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलर के टारगेट पर थे. प्रभात खबर के खुलासे पर मंगलवार को पुलिस ने मुहर लगा दी. बाढ़ गुलाबबाग के रणवीर यादव ने एनटीपीसी में वर्चस्व जमाने के लिए हत्या की सुपारी जहानाबाद के अपराधी विकास सिंह को दी थी. […]

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मोकामा : पंडारक थाना क्षेत्र में कुख्यात भोला सिंह व उसके भाई मुकेश सिंह कॉन्ट्रैक्ट किलर के टारगेट पर थे. प्रभात खबर के खुलासे पर मंगलवार को पुलिस ने मुहर लगा दी.
बाढ़ गुलाबबाग के रणवीर यादव ने एनटीपीसी में वर्चस्व जमाने के लिए हत्या की सुपारी जहानाबाद के अपराधी विकास सिंह को दी थी. विकास ने पटना से शूटरों को हथियार के साथ पंडारक भेजा था, लेकिन गैंगवार से पहले ही अपराधी आर्म्स के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गये. फिलहाल रणवीर यादव और विकास पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. बाढ़ एएसपी लिपि सिंह ने इस मामले में कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन-चार की संख्या में अपराधी किसी की हत्या करने के उद्देश्य से छिपे हैं.
इस सूचना के बाद स्पेशल टीम गठित कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया. गिरफ्त में आये अपराधियों में गोलू कुमार के पास से एक विदेशी रेगुलर पिस्टल व नौ गोलियां, दो अन्य अपराधियों के पास से दो कट्टा, थ्री फिफ्टीन बोर की नौ गोलियां और मोबाइल फोन बरामद किया गया. इनकी निशानदेही पर छपेड़ातर राजपूत टोली से पुरुषोत्तम सिंह उर्फ चंदन सिंह को गिरफ्तार किया गया. चंदन ने पुलिस को बताया कि गुलाब बाग का रहने वाला रणवीर यादव के ईशारे पर घटना को अंजाम देने की योजना बनी थी. गिरफ्तार अन्य अपराधियों ने भी खुलासा किया है कि पंडारक के भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह की हत्या के लिए यह लोग जुटे थे. अपराधी चंदन पहले भी अपहरण और बैंक डकैती के मामले में जेल जा चुका है. पंडारक के दो अपराधियों के सहयोग से कुख्यात को उड़ाने की योजना थी. पंडारक थाने में इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कर अन्य बदमाशों को पकड़ने की कबायद चल रही है.
वर्चस्व के लिए चल रही अदावत
रणवीर यादव और कुख्यात भोला के बीच एनटीपीसी पर वर्चस्व के अदावत चल रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार पहले दोनों गिरोहों को एक बाहुबली विधायक का संरक्षण मिल रहा था, लेकिन बाद में भोला सिंह ने अपने गिरोह के साथ अलग हो गया. दोनों गुटों के बीच गैंगवार में कई लोगों की जाने जा चुकी है.
दो माह पहले भी हुई थी भोला पर फायरिंग
दो माह पहले भी बिहारशरीफ में भोला सिंह पर विरोधी गुट ने फायरिंग की थी. इस दौरान भी वह किसी तरह बच गया था. इधर भोला के गांव में छिपे होने की सूचना पर विरोधियों ने दोबारा उसकी हत्या करने का प्लान बनाया. लेकिन पुलिस की सक्रियता से गैंगवार की एक बड़ी घटना टल गयी. भोला सिंह सीआरपीएफ का भगोड़ा जवान है. वहीं हत्या, फिरौती जैसे संगीन वारदातों में वह फरार चल रहा है.

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