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सैदपुर कैंपस व हॉस्टल की सुरक्षा राम भरोसे

Updated at : 13 Jul 2019 4:13 AM (IST)
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सैदपुर कैंपस व हॉस्टल की सुरक्षा राम भरोसे

पटना : पटना विश्वविद्यालय का सैदपुर कैंपस और उसके हॉस्टलों की सुरक्षा राम भरोसे हैं. क्योंकि न तो प्रशासन के द्वारा ही उस ओर ध्यान दिया जा रहा है और न ही विवि प्रशासन ही कुछ ठोस कर पा रही है. हॉस्टलों का हाल यह है कि बिना एलॉटमेंट के भी वहां ताले तोड़कर अवैध […]

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पटना : पटना विश्वविद्यालय का सैदपुर कैंपस और उसके हॉस्टलों की सुरक्षा राम भरोसे हैं. क्योंकि न तो प्रशासन के द्वारा ही उस ओर ध्यान दिया जा रहा है और न ही विवि प्रशासन ही कुछ ठोस कर पा रही है. हॉस्टलों का हाल यह है कि बिना एलॉटमेंट के भी वहां ताले तोड़कर अवैध रूप से छात्र रहे हैं और उनके साथ बाहरी लोग भी बड़े आराम से रह रहे हैं. यही नहीं हर कमरे में हीटर जलता है और विवि का बिजली बिल 48 लाख रुपये हो चुका है, जबकि उक्त हॉस्टलों के कमरों में सिर्फ 107 छात्रों का एलॉटमेंट था.

36 आर्म्स फोर्स की तैनाती का कमेटी ने रखा प्रस्ताव : चूंकि सैदपुर कैंपस में असामाजिक तत्वों का प्रवेश अत्यधिक है, वहां 36 आर्म्स फोर्स की तैनाती का प्रस्ताव है जो तीन शिफ्ट (हर शिफ्ट में 12 आर्म्स फोर्स गार्ड) की तैनाती रहेगी.
कुछ दिन पूर्व सैदपुर कैंपस में छापेमारी कर लौटी टीम ने ही यह प्रस्ताव तैयार किया है और उसे कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह के समक्ष रखा है. इन पर अच्छी खासी राशि का खर्च भी उनके वेतन पर आयेगा. इसके लिए फाइनेंस कमेटी की स्वीकृति भी जरूरी होगी. लेकिन यहां सवाल यह है कि क्या इसके बाद भी उक्त कैंपस की सुरक्षा सुधर जायेगी.
न तो प्रशासन ध्यान दे रहा और न ही विवि
सुरक्षा में लगाये गये हैं महज दो गार्ड
अब बना है नया प्रस्ताव
आम लोगों का प्रवेश रोकना मुश्किल
रजिस्ट्रार मनोज मिश्र ने कहा कि जब तक वहां आम लोगों का आवागमन बंद नहीं होगा तब तक यह संभव नहीं लगता और यह संभव इसलिए नहीं है क्योंकि यहां कुछ लोगों ने मकान बना लिया है, उनका रास्ता है जिन्हें हम रोक नहीं सकते. क्योंकि उनका हाइकोर्ट से रास्ता देने का आदेश है.
इसके अतिरिक्त कैंपस में ही बिजली विभाग का आॅफिस है. उन्हें हमने ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए जमीन दिया था उन्हें पूरा फैलाव कर सब स्टेशन ही बना दिया है.
ऐसे में हम किस-किस को रोकेंगे. इसे हटाने को सरकार को लिख चुके हैं. लेकिन कोई सुनवाई नहीं है. प्रॉक्टर रजनीश कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का भी उस तरह से सहयोग नहीं है, इसलिए बिना रोक टोक वहां लोग आते हैं. दो गार्ड हैं, वे सबसे लड़ने में सक्षम नहीं है.
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