बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा, लेकिन केंद्र सरकार ने कहा-मिला ही नहीं

Updated at : 09 Jul 2019 9:29 AM (IST)
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बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा, लेकिन केंद्र सरकार ने कहा-मिला ही नहीं

अंजनी कुमार सिंह नयी दिल्ली : बिहार सरकार ने इको टूरिज्म को लेकर एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे खुद सांसद राजीव प्रताप रूडी ने डीपीआर सहित 2018 में पर्यटन मंत्रालय में जमा कराया था. लेकिन सोमवार को संसद में एक सवाल के जबाव में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा […]

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अंजनी कुमार सिंह
नयी दिल्ली : बिहार सरकार ने इको टूरिज्म को लेकर एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे खुद सांसद राजीव प्रताप रूडी ने डीपीआर सहित 2018 में पर्यटन मंत्रालय में जमा कराया था. लेकिन सोमवार को संसद में एक सवाल के जबाव में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव ही नहीं आया है.
इस पर रूडी ने असहमति जताते हुए राज्य सरकार की ओर से भेजे गये प्रस्ताव को सदन पटल पर रखने की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उस प्रस्ताव के विषय में अधिकारियों ने किसी तरह की गलत बयानी की है, तो उन पर विशेषाधिकार का मामला बनता है. गौरतलब है कि बिहार में नदियों की कमी नहीं है. ऐसे में राज्य में इको टूरिज्म के विकास की काफी संभावना है. केंद्र सरकार ने 2015-16 में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की नीति तैयार की. इसके तहत उत्तराखंड, केरल और तेलंगाना सरकार के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए केंद्र फंड आवंटित कर चुका है. लेकिन बिहार सरकार को इस मद में कोई पैसा नहीं दिया गया है.
इसका कारण बिहार सरकार की ओर से किसी तरह का प्रस्ताव न आना बताया गया. लोकसभा में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि बिहार सरकार ने इको टूरिज्म के लिए सिर्फ एक सामान्य-सा पत्र भेजा. कोई प्रस्ताव और डीपीआर अब तक नहीं भेजी गयी है. लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट रूडी ने कहा कि अधिकारी की डीपीआर मेरे पास मौजूद है. अगर अधिकारी ने इस बारे में गलत जानकारी दी है तो यह विशेषाधिकार का मामला बनता है. वह प्रस्ताव और डीपीआर को सदन के पटल पर रखने को तैयार है.
रूडी ने सवाल उठाया कि बिहार में डॉल्फिन पायी जाती है और सोनपुर में विश्व का सबसे बड़ा पशु मेला लगता है. फिर भी केंद्र की ओर से इस मद में राशि का आवंटन अब तक नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि मार्च, 2018 में उन्होंने इको टूरिज्म को लेकर भारत सरकार को प्रस्ताव दिया था. लेकिन जब भी अधिकारियों के पास जाते हैं, तो कहते हैं कि नयी नीति बन गयी है. ऐसे में केंद्र सरकार को पर्यटन के तहत मिलने वाली पूरी राशि का आवंटन बिहार को तत्काल किया जाना चाहिए. चाहे वह इको टूरिज्म हो, धार्मिक टूरिज्म हो या फिर सामान्य टूरिज्म.
प्रभात खबर से बातचीत में भी रूडी ने कहा कि दुनिया भर में प्रसिद्ध डॉल्फिन, गंडक, घाघरा और गंगा में पायी जाती है. देश में एक ही जिला सारण है, जो गंडक, घाघरा और गंगा के बीच में स्थित है. यहां पर डाॅल्फिन पायी जाती है.
डॉल्फिन को देखने लोग इस्राइल, बहरीन, जर्जिया, आर्मेनिया जाते हैं, लेकिन अपने देश में जहां पर डॉल्फिन है, उसे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव न आने की बात कही है, इस पर उन्होंने कहा इको टूरिज्म का प्रस्ताव उन्होंने स्वयं जमा किया है. केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर रखते हुए राज्य को राशि आवंटित की जायेगी.
रूडी ने कहा, अधिकारियों पर विशेषाधिकार का मामला बनता हैभाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि 2018 में ही उन्होंने यह प्रस्ताव खुद केंद्र को सौंपा है, यदि अधिकारी इस मामले में गलत बयानी कर रहे हैं, तो उन पर विशेषाधिकार का मामला बनता है.
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