सभी बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना लांच, अप्रैल से लाभ, पहला राज्य बना बिहार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्य में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने की योजना का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री सचिवालय स्थिति संवाद कक्ष में एक क्लिक करके ‘मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना’ के तहत एक लाख 35 हजार 928 बुजुर्गों के बैंक खातों में करीब 13 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये.उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. किसी भी जाति, धर्म और आय वर्ग के बुजुर्ग मोबाइल के जरिये भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य होगा. आधार से जुड़े बैंक खातों में पेंशन की राशि प्रत्येक महीने ट्रांसफर हो जायेगी.

मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे पंचायतों में जाकर इस योजना का प्रचार-प्रसार कर गरीबों को इसके बारे में समुचित जानकारी दें. साथ ही कैंप भी लगाएं और छूटे हुए सभी बुजुर्गों से फॉर्म भरवाकर इस योजना से उन्हें जल्द जोड़ें.सभी गांवों में टीम भेजकर इस पेंशन योजना की जानकारी दें. उन्होंने कहा कि माता-पिता की अवहेलना या उपेक्षा करने वालों पर कार्रवाई होगी. उनकी देखभाल जो नहीं करेंगे, वे दंडित भी होंगे.

नीतीश कुमार ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना’ को राज्य सरकार अपने स्तर से चला रही है. इस पर साल करीब 1800 करोड़ रुपये सालाना खर्च आयेगा. बुजुर्गों को पेंशन मिलने से घर-परिवार में उनकी इज्जत बढ़ेगी. इन पैसों से वे अपने नाती-पोताें को चॉकलेट तो दे ही सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस योजना से 35-36 लाख बुजुर्गों को पेंशन देने का अनुमान रखा गया है. ये वे वृद्धजन हैं, जो पहले पेंशन समेत अन्य किसी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र से चलने वाली वृद्धजन पेंशन योजना का लाभ सिर्फ बीपीएल वालों को मिलता है.
ऐसे में ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में जिन लोगों का नाम बीपीएल सूची में नहीं होने के कारण उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था, जबकि वे इसके हकदार हैं. इस वजह से यह योजना शुरू की गयी है. समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह ने कहा कि जो लोग आधार से जुड़े हैं, उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा. आधार कार्ड बनाना बेहद जरूरी है. मोबाइल से भी आवेदन कर सकते हैं. कार्यक्रम को मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, समाज कल्याण के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद, निदेशक राजकुमार समेत अन्य ने भी संबोधित किया.
माता-पिता की देखभाल नहीं करने वाले होंगे दंडित
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में कुछ लोग अजीब होते हैं. वे अपने माता-पिता तक का ध्यान नहीं देते हैं. इस वजह से ही हमें ऐसा कानून लाना पड़ा है, ताकि घर व समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा नहीं हो और उनकी समुचित देखभाल हो सके. इसके लिए पहले एसडीओ के पास आवेदन करना होगा.वहां से जारी आदेश का पालन नहीं करने पर यह मामला डीएम के पास जायेगा. डीएम के आदेश के बाद भी अगर कोई माता-पिता की देखभाल नहीं करता है, तो उसके दंडित किया जायेगा.
65 हजार आवेदनों की अभी हो रही जांच
इस योजना में सभी लोगों को पेंशन एक अप्रैल 2019 से ही दी जायेगी. अब तक आरटीपीएस काउंटर से दो लाख आवेदन आये हैं, जिनमें 1.35 लाख को दो महीने अप्रैल और मई की पेंशन दे दी गयी है. शेष 65 हजार आवेदनों की जांच चल रही है. इसके बाद उन्हें भी पेंशन दी जायेगी. बड़ी संख्या में आधार नंबर और बैंक खाते मैच नहीं होने के कारण रुपये ट्रांसफर होने में समस्या आ रही है.
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजनाकिन्हें मिलेगा लाभ
60 वर्ष या इससे अधिक उम्र वाले उन सभी बुजुर्गों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन, पेंशन, पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिल रही है, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म या आय वर्ग से हों.
कितनी मिलेगी राशि
60वर्ष या इससे अधिक उम्र वालों को 400 रुपये और 80 वर्ष या इससे अधिक उम्र वालों को 500 रुपये हर महीने मिलेंगे. ये राशि सीधे बैंक खाते में जायेगी.
कैसे करें आवेदन
आरटीपीएस काउंटर पर जाकर इसका आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही समाज विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अावेदन कर सकते हैं. जिनका बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा है, उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा.
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